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IMF: आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान को राहत, बेलआउट पैकेज के तहत मंजूर हुआ 700 मिलियन डॉलर का कर्ज
Fri, 12 Jan 2024 01:39 AM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जलज मिश्रा
Updated Fri, 12 Jan 2024 01:39 AM IST
सार
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आईएमएफ बोर्ड ने गुरुवार को पाकिस्तान के आर्थिक सुधार कार्यक्रम की पहली समीक्षा पूरी करने के बाद इसकी घोषणा की। आईएमएफ के एक मिशन ने जुलाई से सितंबर 2023 तक के पाकिस्तान के आर्थिक प्रदर्शन की समीक्षा की।
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IMF Pakistan
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पाकिस्तान कंगाली झेल रहा है। कर्ज पर टिकी पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था को राहत मिली है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पाकिस्तान को बेलआउट पैकेज के तहत 700 मिलियन डॉलर की ऋण किश्त को मंजूरी दे दी है। बता दें, पाकिस्तान में अगले महीने चुनाव होने वाले हैं। बता दें, आईएमएफ ने बेलआउट के कार्यक्रम के तहत 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर की प्रारंभिक किश्त जुलाई 2023 में जारी की थी।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आईएमएफ बोर्ड ने गुरुवार को पाकिस्तान के आर्थिक सुधार कार्यक्रम की पहली समीक्षा पूरी करने के बाद इसकी घोषणा की। आईएमएफ के एक मिशन ने जुलाई से सितंबर 2023 तक के पाकिस्तान के आर्थिक प्रदर्शन की समीक्षा की। पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि एसडीआर में 700 मिलियन अमेरिकी डॉलर के तत्काल वितरण की अनुमति मिलती है। इससे स्टैंड-बाय व्यवस्था के तहत कुल संवितरण 1.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो जाता है।
अभी क्या स्थिति है?
पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा भंडार खत्म होने को है। पिछले साल की शुरुआत में ही पाकिस्तान सरकार ने बताया था कि उसके पास अब केवल 3.09 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार रह गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर पाकिस्तान आईएमएफ की शर्तों को स्वीकार करती है तो मुद्रास्फीति 40 प्रतिशत तक बढ़ सकती है, जिससे हालात और भयावह हो सकते हैं।
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महंगाई दर 25 फीसदी हुई
पाकिस्तान में महंगाई दर 25% हो चुकी है। एक लीटर दूध की कीमत 144 रुपये तक पहुंच गई है। ब्रेड 98 रुपये में मिल रही है। पूरे देश में हाहाकार की स्थिति है। जिनके पास पैसे हैं, उन्हें तो कोई दिक्कत नहीं हो रही, लेकिन गरीबों के लिए स्थिति चिंताजनक हो गई है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में उर्दू अखबार के लिए काम करने वाले नजम शरीफ कहते हैं कि पाकिस्तान में महंगाई, बेरोजगारी का आलम यह हो गया है कि गरीब लोग भूखे सोने को मजबूर हैं। बड़ी संख्या में लोग एक वक्त का ही खाना खा पा रहे हैं। लोगों के घर आटा, चावल, दाल सबकुछ खत्म हो गया है। गैस-चूल्हे के दाम भी सातवें आसमान पर है। ऐसे में लोग मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ी जलाकर खाना बना रहे हैं। शहरों में जहां, लकड़ी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है, वहां प्लास्टिक के थैले में गैस खरीद रहे हैं।
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पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आईएमएफ बोर्ड ने गुरुवार को पाकिस्तान के आर्थिक सुधार कार्यक्रम की पहली समीक्षा पूरी करने के बाद इसकी घोषणा की। आईएमएफ के एक मिशन ने जुलाई से सितंबर 2023 तक के पाकिस्तान के आर्थिक प्रदर्शन की समीक्षा की। पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि एसडीआर में 700 मिलियन अमेरिकी डॉलर के तत्काल वितरण की अनुमति मिलती है। इससे स्टैंड-बाय व्यवस्था के तहत कुल संवितरण 1.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो जाता है।
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अभी क्या स्थिति है?
पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा भंडार खत्म होने को है। पिछले साल की शुरुआत में ही पाकिस्तान सरकार ने बताया था कि उसके पास अब केवल 3.09 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार रह गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर पाकिस्तान आईएमएफ की शर्तों को स्वीकार करती है तो मुद्रास्फीति 40 प्रतिशत तक बढ़ सकती है, जिससे हालात और भयावह हो सकते हैं।
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महंगाई दर 25 फीसदी हुई
पाकिस्तान में महंगाई दर 25% हो चुकी है। एक लीटर दूध की कीमत 144 रुपये तक पहुंच गई है। ब्रेड 98 रुपये में मिल रही है। पूरे देश में हाहाकार की स्थिति है। जिनके पास पैसे हैं, उन्हें तो कोई दिक्कत नहीं हो रही, लेकिन गरीबों के लिए स्थिति चिंताजनक हो गई है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में उर्दू अखबार के लिए काम करने वाले नजम शरीफ कहते हैं कि पाकिस्तान में महंगाई, बेरोजगारी का आलम यह हो गया है कि गरीब लोग भूखे सोने को मजबूर हैं। बड़ी संख्या में लोग एक वक्त का ही खाना खा पा रहे हैं। लोगों के घर आटा, चावल, दाल सबकुछ खत्म हो गया है। गैस-चूल्हे के दाम भी सातवें आसमान पर है। ऐसे में लोग मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ी जलाकर खाना बना रहे हैं। शहरों में जहां, लकड़ी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है, वहां प्लास्टिक के थैले में गैस खरीद रहे हैं।