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किसी मुस्लिम के चांसलर बनने के सवाल पर जर्मनी में बहस
Sun, 10 Mar 2019 05:07 AM IST
Avdhesh Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 10 Mar 2019 05:07 AM IST
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Ralph Brinkhaus
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जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल की पार्टी के संसदीय समूह के नेता राल्फ ब्रिंकहाउस के उस साक्षात्कार पर देश में तीखी बहस शुरू हो गई है जिसमें उन्होंने कहा कि 2030 में उनकी पार्टी का नेतृत्व एक मुस्लिम भी कर सकता है। सीडीयू पार्टी के नेता से जब पूछा गया कि जब कोई मुसलमान पार्टी का नेतृत्व कर सकता है तो क्या वह चांसलर भी बन सकता है? इस पर उन्होंने ‘हां’ में जवाब दिया।
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अब मौजूदा चांसलर मैर्केल की पार्टी में इस बात को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है क्या कोई मुसलमान कभी देश का चांसलर बन सकता है? राल्फ ब्रिंकहाउस ने बिल्ड अखबार को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि यदि कोई मुस्लिम अच्छा राजनेता है और हमारे मूल्यों व राजनीतिक विचारों का प्रतिनिधित्व करता हो तो उसे चांसलर बनाने में भी कोई हर्ज नहीं है। यह इंटरव्यू बृहस्पतिवार को ही प्रकाशित हुआ है। जर्मनी के राज्य मैकलेनबर्ग-वेस्टर्न पोमेरानिया में सीडीयू पार्टी के मुखिया विंसेंट कोकर्ट ने कहा कि मैं भरोसा नहीं कर सकता कि राल्फ ऐसा कह सकते हैं। खासतौर पर ऐसे वक्त जब देश में कट्टरपंथी हावी हो रहे हैं।
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पार्टी केही एक सांसद एबरहार्ड गीनगर ने कहा कि पार्टी के नाम सीडीयू को गंभीरता से लेना चाहिए जिसमें सी का अर्थ ही क्रिश्चियन है। ऐसे में मुस्लिम को चांसलर कैसे बनाया जा सकता है? लेकिन कुछ सीडीयू सांसदों ने ब्रिंकहाउस का बचाव भी किया है। इनमें सीडीयू कार्यकारी बोर्ड के इकलौते मुस्लिम सदस्य सेराफ ग्यूलर शामिल हैं।
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इस्लाम हमारे पार्टी मूल्यों के अनुरूप नहीं
एंगेला मर्केल की पार्टी सीडीयू कार्यकारी बोर्ड की सदस्य एलिजाबेथ मोचमन ने ब्रिंकहाउस की टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि इस्लाम उनकी पार्टी के मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा, महिला-पुरुष अधिकारों को ही ले लीजिए, इस्लाम के मूल्य हमारे मूल्यों से बहुत अलग हैं। इसलिए यह टिप्पणी बेकार है।