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हिंद-प्रशांत क्षेत्र समेत वैश्विक मुद्दों पर चर्चा संभव, राजनाथ और जयशंकर लेंगे बैठक में हिस्सा
Thu, 19 Dec 2019 02:26 AM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Thu, 19 Dec 2019 02:26 AM IST
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
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भारत और अमेरिका के बीच राजधानी वाशिंगटन में होने वाली टू प्लस टू मंत्री स्तरीय वार्ता दोनों देश संभावित क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा करेंगे। बैठक में भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके अमेरिकी समकक्ष माइक पोम्पियो और मार्क एस्पर शामिल होंगे।
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस बैठक का मकसद अमेरिका और भारत के मजबूत संबंधों को प्राथमिकता देना है। ट्रंप प्रशासन इसके लिए हमेशा अग्रसर है। अधिकारी ने यह भी कहा कि जून में भारत यात्रा के दौरान पोम्पियो ने भारत-अमेरिका के संबंधों को महत्वपूर्ण बताया था।
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उन्होंने कहा था कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र को खुला और मुक्त रखने के लिए हमने भारत के साथ अपने रिश्तों को मजबूत किया है। पिछले 15 महीनों में हम गवाह रहे हैं कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग में लगातार इजाफा हुआ।
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हम आसियान के समर्थन के महत्व पर भारत के साथ सहमत हैं। अधिकारी ने कहा कि इस बैठक के दौरान टू प्लस टू सहयोग को और बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी।
चीनी गतिविधियों ने बढ़ाई चिंता
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ रही सैन्य गतिविधियों पर चिंता जताते हुए अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने मिलकर चार देशों का संगठन (क्वास्ड) बनाया है। पोम्पियो ने इस साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में पहली बार क्वास्ड की मेजबानी की थी। इसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दिखाई गई थी।
दिल्ली में हुई थी पहली बैठक
पिछले साल सितंबर में भारत और अमेरिका के बीच पहली बार राजधानी नई दिल्ली में टू प्लस टू वार्ता हुई थी। इसमें तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो शामिल हुए थे।