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चीन और पाकिस्तान के खिलाफ पीओके में भारी विरोध प्रदर्शन

Wed, 09 Sep 2020 12:15 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फराबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फराबाद Published by: Sneha Baluni Updated Wed, 09 Sep 2020 12:15 AM IST
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Protests torch rally took place in Muzaffarabad of POK against construction of mega dams by chinese
मशाल रैली निकालते लोग - फोटो : ANI

पाक कब्जे वाले पाकिस्तान (पीओके) में एक बार फिर पाक विरोधी नारे बुलंद हुए हैं। यहां मुजफ्फराबाद शहर में नीलम-झेलम नदी पर चीनी कंपनियों द्वारा बनाए जा रहे मेगा बांध के विरोध में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया गया और मशाल रैली निकाली गई। इससे पहले भी क्षेत्र में पाकिस्तानी दमनकारी नीतियों के विरोध में प्रदर्शन होते रहे हैं।

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‘दरिया बचाओ, मुजफ्फराबाद बचाओ’ समिति से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने यहां जमकर नारेबाजी की और ‘नीलम-झेलम बहने दो, हमें जिंदा रहने दो’ जैसे नारे लगाए। रैली में मुजफ्फराबाद व पीओके के अन्य क्षेत्रों के भी सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। बता दें कि हाल ही में, पाकिस्तान और चीन ने पीओके में आजाद पट्टन और कोहाला हाइड्रोपावर कंपनी की देखरेख में निर्माण समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। ये बांध चीन-पाक आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के हिस्से के रूप में बनाए जाने हैं। 1.54 अरब डॉलर की परियोजनाएं चीन की जियोझाबा कंपनी द्वारा प्रायोजित की जाएंगी। जबकि पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि यहां के प्राकृतिक संसाधनों को पाकिस्तान और चीन संयुक्त रूप से मिलकर खराब कर रहे हैं।
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लगातार जारी है विरोध प्रदर्शन

इस बांध के निर्माण के विरोध में स्थानीय लोग लगातार प्रदर्शन करते हुए निर्माण कार्य रोकने की मांग कर रहे हैं। इससे पहले पिछले महीने में भी दो बार मुजफ्फराबाद और पीओके के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए थे। यहां लोग डैम निर्माण के विरोध में रैलियां निकाल रहे हैं नदियों के बचाव को लेकर खूब नारेबाजी कर रहे हैं।
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2026 तक पूरा हो सकता है प्रोजेक्ट

झेलम नदी पर बनाया जाने वाला कोहाला हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट पीओके के सुधनोटी जिले में आजाद पट्टन पुल से करीब 7 किमी और पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से 90 किमी दूर है। चीन थ्री गोरजेस कॉरपोरेशन, अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) और सिल्क रोड फंड द्वारा प्रायोजित इस परियोजना के साल 2026 तक पूरे होने की उम्मीद है।


इससे पहले 25 अगस्त को भी लोगों ने मेगा-डैम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान लोगों ने हाथों में मशाल लेकर पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की थी। 'दरिया बचाओ, मुजफ्फराबाद बचाओ' समिति से आने वाले प्रदर्शनकारियों ने 'नीलम-झेलम बहने दो, हमें जिंदा रहने दो' जैसे नारे लगाए थे। इस रैली में शहर और पीओके के अन्य हिस्सों से आए हजारों प्रदर्शनकारी शामिल हुए थे।

बता दें कि हाल ही में, पाकिस्तान और चीन ने पीओके में आजाद पट्टन और कोहाला हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के निर्माण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के हिस्से के रूप में 700.7 मेगावाट बिजली के लिए आजाद पट्टन हाइडल पावर परियोजना पर 6 जुलाई, 2020 को हस्ताक्षर किए गए थे। 1.54 बिलियन डॉलर की परियोजनाएं चीन गेझूबा ग्रुप कंपनी (सीजीजीसी) द्वारा प्रायोजित की जाएंगी।


झेलम नदी पर बनाया जाने वाला कोहाला हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट पीओके के सुधनोटी जिले में आजाद पट्टन पुल से लगभग 7 किमी और पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से 90 किमी दूर है। चीन थ्री गोरजेस कॉरपोरेशन, अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) और सिल्क रोड फंड द्वारा प्रायोजित इस परियोजना के साल 2026 तक पूरे होने की उम्मीद है।

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