{"_id":"602adb61136f6613de0f2f4c","slug":"protest-in-myanmar-against-military-coup-amid-internet-blackout-appeal-to-american-citizens-to-stay-safe","type":"story","status":"publish","title_hn":"म्यांमार : इंटरनेट ब्लैकआउट के बाद फिर शुरू हुए प्रदर्शन, अमेरिकी नागरिकों से सुरक्षित जगह रहने की अपील","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
म्यांमार : इंटरनेट ब्लैकआउट के बाद फिर शुरू हुए प्रदर्शन, अमेरिकी नागरिकों से सुरक्षित जगह रहने की अपील
Tue, 16 Feb 2021 02:06 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नेपीता/यंगून
एजेंसी, नेपीता/यंगून
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 16 Feb 2021 02:06 AM IST
विज्ञापन
Protest in Myanmar
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
म्यामांर के सबसे बड़े शहर यंगून में रात भर इंटरनेट ब्लैकआउट के बाद सोमवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन से निपटने के लिए सेना के जवानों को तैनात करने के बावजूद इंजीनियरिंग व तकनीकी के छात्र सड़कों पर उतरे और तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन किया। नेपीता में भी प्रदर्शन हुए जबकि मायित्किना और सिटवे में भी सेना को तैनात कर दिया गया है।
विज्ञापन
इस बीच म्यांमार में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है, क्योंकि एक फरवरी को सैन्य तख्तापलट के बाद पहली बार शहरों में बख्तरबंद वाहनों को घुमाया जा रहा है। दूतावास ने यह भी कहा कि रात एक से नौ बजे के बीच दूरसंचार सेवाएं बंद रह सकती हैं। सोमवार को सुबह से ही यंगून, मांडले और राजधानी नेपीता के अलावा दूरदराज के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में भी प्रदर्शन हुए।
विज्ञापन
यंगून में कई सौ तख्तापलट विरोधी प्रदर्शनकारी सेंट्रल बैंक ऑफ म्यांमार की इमारत के बाहर जमा हो गए, जहां बड़ी संख्या में सैनिक, दंगा पुलिस और सेना की बख्तरबंद गाड़ियां पहले से मौजूद थीं। इस बीच देश के उत्तरी शहर मायित्किना में जवानों ने भीड़ पर पहले आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर फायरिंग की। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यहां रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया गया या नहीं।
विज्ञापन
पूरा देश हुआ ऑफलाइन
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर कुछ ताजा लाइवस्ट्रीम तस्वीरें आने के बाद इंटरनेट शटडाउन कर दिया गया। निगरानी समूह नेटब्लॉक्स ने बताया कि सरकार द्वारा सूचना ब्लैकआउट आदेश देने के बाद लगभग पूरा म्यांमार ही ऑफलाइन हो गया। इस बीच, खुद को ‘ब्रदरहुड ऑफ म्यांमार हैकर्स’ बताने वाले समूह ने सरकार की म्यांमार डिजिटल न्यूज वेबसाइट को हैक कर तख्तापलट के खिलाफ सामग्री लगा दी।
आम नागरिकों से जंग जैसा माहौल
संयुक्त राष्ट्र अधिकारी रैपोर्टेयर टॉम एंड्रयूज ने कहा कि सेना के जनरल हताशा के संकेत दे रहे हैं और इसके लिए उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा, ऐसा लग रहा है कि सेना ने म्यांमार के लोगों के खिलाफ जंग का एलान कर दिया है। आधी रात में छापे मारे जा रहे हैं, लोगों को गिरफ्तार कर उनके अधिकार छीने जा रहे हैं। यूरोपीय संघ, अमेरिका और ब्रिटेन ने कहा है कि हम सुरक्षाबलों से अपील करते हैं कि वो प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा न करें। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र की ओर से एक पर्यवेक्षक नियुक्त करने की मांग भी उठी है।
बुधवार तक हिरासत में रहेंगी आंग सान सू की
म्यांमार में सत्ता से बेदखल की गई सर्वोच्च नेता आंग सान सू की को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। उनके वकील खिन माउंग जॉ ने बताया कि सू की को अदालत में सुनवाई के लिए बुधवार तक हिरासत में रखा जाएगा। पहले इस पर सोमवार को सुनवाई शुरू होने की उम्मीद थी लेकिन जॉ ने बताया कि हम यहां अपने पावर ऑफ अटॉर्नी लेटर और डिस्ट्रिक्ट जज के साथ चर्चा करने आए थे।
उनके अनुसार, रिमांड 17 तक है इसलिए आज सुनवाई नहीं होगी। कार्यवाही की निष्पक्षता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा यह उचित है या नहीं, आप स्वयं निर्णय ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे अब भी कानून के अनुरूप ही चलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआती उपस्थिति वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा होगी। इस बीच तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका है।