George Floyd: जॉर्ज फ्लॉयड की बेटी ने कहा-'मेरे पिता ने दुनिया बदल दी', वायरल हुआ वीडियो
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अमेरिका में एक अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत के बाद शुरू हुई हिंसा के बीच उनकी बेटी ने एक वीडियो पोस्ट किया है। सोशल मीडिया पर जॉर्ज की बेटी जियाना फ्लॉयड का यह वीडियो अब वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि वह जॉर्ज के करीबी दोस्त स्टीफन जैक्सन सीनियर के कंधे पर बैठी हुई है और वह 'डैडी चेंज्ड द वर्ल्ड' (पिता ने दुनिया बदल दी) कह रही है।
इस वीडियो को मिनियापोलिस में संवाददाता सम्मेलन के बाद रिकॉर्ड किया गया था। इस वीडियो में कैमरे के पीछे से एक व्यक्ति जॉर्ज की बेटी से पूछ रहा है, 'डैडी डिड वॉट?' (पिता ने क्या किया?), इस सवाल के जवाब में वह कहती है, 'डैडी चेंज्ड द वर्ल्ड' (पिता ने दुनिया बदल दी)।
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एनबीए के पूर्व खिलाड़ी को भी जियाना की वही लाइन दोहराते सुना जा सकता है। इस वीडियो को साझा करते हुए पूर्व खिलाड़ी स्टीफन ने लिखा, 'बिल्कुल सही जीजी "डैडी चेंज्ड द वर्ल्ड", फ्लॉयड परिवर्तन लाने वाला नाम है।'
इस वीडियो को देखने वाले लोगों ने जॉर्ज की बेटी की तारीफ की, उन्होंने लिखा कि दुख की इस घड़ी में भी उसने अपने आत्मविश्वास को बनाए रखा है।
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गौरतलब है कि 46 वर्षीय जॉर्ज फ्लॉयड की मिनियापोलिस में पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। एक श्वेत पुलिस अधिकारी ने उन्हें गिरफ्तार कर उनकी गर्दन पर अपने घुटने को रखा, जिससे दम घुटने से उनकी मौत हो गई। इस बर्बर घटना का वीडियो सामने आते ही अमेरिका में हिंसा शुरू हो गई।
आरोपी पुलिस अधिकारी डेरेक शोविन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, इस घटना के बाद से अमेरिका के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन जारी है। इसके अलावा दुनियाभर के प्रमुख शहरों में भी जॉर्ज फ्लॉयड को न्याय दिलाने के लिए विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
लगातार आठवें दिन जारी है प्रदर्शन
बता दें कि, पुलिस की हिरासत में अफ्रीकी मूल के अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के खिलाफ अमेरिका में शुरू हुआ हिंसक प्रदर्शन लगातार आठवें दिन जारी रहा। कई शहरों में लगे कर्फ्यू के बाद भी प्रदर्शनकारियों ने इसका उल्लंघन किया। लॉस एंजिलिस में कर्फ्यू के बावजूद रैली निकाली गई। इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप के सेना लगाने के बयान पर व्हाइट हाउस ने बुधवार को नरम रुख अपनाया।
न्यूयॉर्क, फिलाडेल्फिया, शिकागो और वाशिंगटन डीसी समेत अमेरिका के कई शहरों में अश्वेत की मौत के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किए गए। इनमें से कुछ जगह हिंसक प्रदर्शन भी हुए। कुछ स्थानों पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए और बड़े पैमाने पर लूटपाट भी हुई। यहां संपत्ति व स्मारकों को नुकसान पहुंचाया गया और वाहनों को आग लगा दी गई।
ऐसा बताया जा रहा है कि अमेरिका में हालिया दशकों में इतने बड़े पैमाने पर असैन्य अशांति नहीं फैली है। प्रदर्शनों में हिंसा के चलते न्यूयॉर्क और वाशिंगटन समेत कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कर्फ्यू को भी तोड़ा।
बोस्टन में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी की। यहां सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया गया। देश के 28 राज्यों और वाशिंगटन डीसी में अशांति है जहां 20,400 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।