Gotabaya in Maldives: कोलंबो से माले तक बवाल, नशीद के इशारे पर मालदीव में उतरे, अब शरण देने से इनकार, कहां जाएंगे गोतबाया?
गोतबाया को शरण देने से मालदीव भी मुश्किल में आ गया है। इस फैसले के लिए मालदीव सरकार का विरोध शुरू हो गया है। गोतबाया को फिर श्रीलंका भेजने की मांग की जा रही है।
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श्रीलंका में ऐतिहासिक आर्थिक संकट से पैदा हुए जन विद्रोह के बीच भाग निकले राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे को शरण देने से मालदीव ने इनकार कर दिया है। वे आज तड़के ही श्रीलंका की वायुसेना के विमान से कोलंबो से माले पहुंचे। इसके बाद श्रीलंका से लेकर मालदीव तक विरोध शुरू हो गया। मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम सालेह के निवास के बाहर भी प्रदर्शन किया गया। अब देखना होगा कि राजपक्षे मालदीव छोड़कर कहां जाएंगे?
गोतबाया को शरण देने से मालदीव भी मुश्किल में आ गया है। इस फैसले के लिए मालदीव सरकार का विरोध शुरू हो गया है। गोतबाया को फिर श्रीलंका भेजने की मांग की जा रही है। मालदीव सरकार ने कहा है कि गोतबाया राजपक्षे अपनी पत्नी के साथ सिर्फ कुछ वक्त के लिए यहां आए हैं। यहां से वे किसी और देश के लिए रवाना होंगे।
दरअसल गोताबाया ने आज इस्तीफे का एलान किया था, लेकिन इसके पहले ही वे देश छोड़कर भाग निकले। इस कारण श्रीलंका में आंदोलनकारी भड़क गए हैं। उन्हें काबू में करने के लिए सेना का फायरिंग तक करना पड़ी है। माना जा रहा है कि राष्ट्रपति ने बगैर इस्तीफा दिया देश छोड़ने का फैसला इसलिए ताकि वे राष्ट्राध्यक्ष के रूप में मिलने वाली सुविधाओं का उपयोग कर सुरक्षित ठिकाने पर पहुंच सकें। कोलंबो से लेकर मालदीव की राजधानी माले तक गोतबाया के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। इसे देखते हुए मालदीव ने उन्हें शरण देने से इनकार कर दिया है।
पूर्व राष्ट्रपति नशीद के फोन पर दी विमान उतारने की इजाजत
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार गोतबाया को श्रीलंका से सुरक्षित निकालने में मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति व वर्तमान में संसद के स्पीकर मोहम्मद नशीद मददगार बने। उनके कहने पर मालदीव सरकार ने उनके विमान को माले में उतरने की इजाजत दी। वे राष्ट्रपति हैं और किसी देश के राष्ट्रपति को देश में आने से रोका नहीं जा सकता। यदि गोतबाया इस्तीफा दे चुके होते तो उन्हें इनकार किया जा सकता था।
राजपक्षे समेत 13 लोग भागे
उधर, श्रीलंका की वायुसेना ने स्पष्ट किया है कि उसे रक्षा मंत्रालय ने आदेश दिया था कि राष्ट्रपति गोतबाया व अन्य के लिए विशेष विमान का इंतजाम किया जाए। इसके बाद आव्रजन, कस्टम्स व अन्य संबंधित विभागों की मंजूरी लेकर आज तड़के राजपक्षे समेत 13 लोगों को लेकर AN 32 विमान माले पहुंचा। जब यह विमान वहां पहुंचा तो पहले उसे उतरने की इजाजत नहीं दी गई, लेकिन इसके बाद स्पीकर मोहम्मद नशीद के कहने पर विमान लैंड हो सका। गोतबाया के भागने के बाद श्रीलंका में हालात इतने बिगड़ गए हैं कि आपातकाल लगाना पड़ा है।
भारत ने नहीं की भागने में मदद
गोतबाया के श्रीलंका से सुरक्षित निकलने में भारत द्वारा मदद किए जाने की भी खबरें चल पड़ी थीं, लेकिन सरकार ने इसका स्पष्ट खंडन किया है। गोतबाया ने अमेरिका जाने की भी कोशिश की, लेकिन उन्हें वीजा देने से इनकार कर दिया गया। भारत ने राजपक्षे को देश से बाहर निकलने में मदद करने संबंधी खबरों को निराधार और अटकलबाजी बताया है। श्रीलंका स्थित भारतीय उच्चायोग ने मीडिया की इन खबरों को खारिज किया।