फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Prolonged living in increased PM 2.5 increases the risk of stroke

अध्ययन में दावा, लंबे समय तक बढ़े पीएम 2.5 में रहने से स्ट्रोक का खतरा अधिक

Sat, 04 Jan 2020 02:45 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sat, 04 Jan 2020 02:45 AM IST
सार

  • 54.3 पीएम के औसत स्तर को आधार बनाकर चीन में हुए एक अध्ययन में किया गया दावा
  • अगस्त के तीन दिन छोड़ दें तो दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में सालभर इससे ऊंचा रहा स्तर
  • फुवाई अस्पताल में 2000 से 2015 तक करीब 1.17 लाख चीनी वयस्कों पर अध्ययन किया गया
  • वायु प्रदूषण: साल 2015 में फेफड़े व हृदय की बीमारी से चीन में हुई थी 16 लाख लोगों की मौत

विज्ञापन
Prolonged living in increased PM 2.5 increases the risk of stroke
वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वायु प्रदूषण की चपेट में लंबे समय तक रहना कई तरह की जानलेवा बीमारियों का कारण हो सकता है। चीन में हुए एक अध्ययन के मुताबिक लंबे समय तक बढ़े पीएम 2.5 स्तर में रहने से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। वायु प्रदूषण का यह स्तर फेफड़ों व दिल की बीमारियों का बड़ा कारण बनता है। चीन के फुवाई अस्पताल में 2000 से 2015 तक करीब 1.17 लाख चीनी वयस्कों पर अध्ययन किया गया।

विज्ञापन


अध्ययन के दौरान 54.3 (माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर) के औसत स्तर को आधार बनाया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि सामान्य पीएम 2.5 स्तर में रहने वालों की तुलना में 78.2 औसत स्तर में रह रहे लोगों में हृदयाघात और फेफड़े फेल होने के हादसे 53 फीसदी अधिक थे। इन लोगों को लंबे समय तक इस स्थिति में रहने से यह बीमारी हुई।

विज्ञापन

10 अंक के इजाफे से 13 फीसदी बढ़ जाता है खतरा

साथ ही शोध में यह भी पाया गया कि पीएम 2.5 स्तर में 10 अंकों की बढ़ोतरी से स्ट्रोक का खतरा 13 फीसदी तक बढ़ जाता है। शोध में यह भी दावा किया गया कि बढ़े पीएम 2.5 स्तर में लंबे समय तक रहने से क्रॉनिक रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है।  यह शोध शुक्रवार को ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुआ।  

विज्ञापन
विज्ञापन

दिल्ली-एनसीआर में सालभर बढ़ा रहता है स्तर

आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में पीएम 2.5 का स्तर साल भर बढ़ा रहता है। अगस्त के तीन दिन छोड़ दिए जाएं तो पूरे साल यहां का स्तर चीन में हुए अध्ययन के लिए तय आधार स्तर से बढ़ा ही रहता है। शुक्रवार को भी दिल्ली एनसीआर के अधिकतर क्षेत्रों में पीएम 2.5 का स्तर 100 अंकों से अधिक रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed