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Romania: रोमानिया चुनाव में ईयू समर्थक उम्मीदवार की जीत, रूस के लिए माना जा रहा झटका
Mon, 19 May 2025 08:08 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुखारेस्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुखारेस्ट
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 19 May 2025 08:08 AM IST
सार
पहले चरण में रूस समर्थक सिमियोन की जीत ने कहीं न कहीं यूरोपीय संघ समर्थकों को चिंता में डाल दिया था। यही वजह रही कि दूसरे चरण के मतदान में लोगों ने जमकर मतदान किया और दूसरे चरण में मतदान प्रतिशत भी 64 प्रतिशत रहा। 4 मई को हुए पहले चरण के मतदान में सिर्फ 53 प्रतिशत मतदान ही हुआ था।
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रोमानिया का राष्ट्रीय ध्वज
- फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
रोमानिया चुनाव के दूसरे दौर के मतदान में यूरोपीय यूनियन समर्थक उम्मीदवार निकुसर डैन को जीत मिली है। वहीं धुर दक्षिणपंथी नेता जॉर्ज सिमियोन को हार का सामना करना पड़ा है। पहले चरण के मतदान में जॉर्ज सिमियोन को पहला स्थान मिला था और ऐसी चर्चा शुरू हो गई थी कि रोमानिया की विदेश नीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। दरअसल जॉर्ज सिमियोन को रूस समर्थक नेता माना जाता है। रोमानिया नाटो का सदस्य है। ऐसे में सिमियोन अगर जीतते तो रोमानिया का झुकाव रूस की तरफ हो सकता था।
पहले चरण के उलट आए नतीजे
रोमानिया में 18 मई को दूसरे चरण का मतदान हुआ। 1.1 करोड़ वोटों में से करीब 1 करोड़ वोटों की गिनती हो चुकी है और उसके मुताबिक निकुसर डैन को 54.32 प्रतिशत वोट पाकर सबसे आगे हैं। वहीं जॉर्ज सिमियोन को 45 प्रतिशत वोट मिले हैं। निकुसर डैन की जीत को रूस के लिए झटका माना जा रहा है। पहले चरण के मतदान में धुर दक्षिणपंथी नेता जॉर्ज सिमियन ने जीत हासिल की थी। वहीं बुखारेस्ट के मेयर निकुसर डैन दूसरे स्थान पर रहे थे। गौरतलब है कि सत्ताधारी गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार क्रिन एंटोन्सकू को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा और उन्हें महज 20 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला। रोमानिया में कुछ महीने पहले भी मतदान हुआ था, लेकिन उसे रद्द कर दिया गया था। उस चुनाव में रूस के दखल के आरोप लगे थे।
ये भी पढ़ें- Romania: रोमानिया में अंतरिम पीएम की नियुक्ति, सत्ताधारी गठबंधन की हार के बाद पीएम मार्सेल ने दिया इस्तीफा
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पिछले साल हुए चुनाव अदालत ने कर दिए थे रद्द
पहले चरण में रूस समर्थक सिमियोन की जीत ने कहीं न कहीं यूरोपीय संघ समर्थकों को चिंता में डाल दिया था। यही वजह रही कि दूसरे चरण के मतदान में लोगों ने जमकर मतदान किया और दूसरे चरण में मतदान प्रतिशत भी 64 प्रतिशत रहा। 4 मई को हुए पहले चरण के मतदान में सिर्फ 53 प्रतिशत मतदान ही हुआ था। रोमानिया में बीते साल भी मतदान हुआ था, लेकिन चुनाव में रूस के दखल के आरोपों के बाद रोमानिया की शीर्ष अदालत ने उस मतदान को रद्द कर दिया। हालांकि रूस ने इन आरोपों से इनकार किया था। उस चुनाव में धुर दक्षिणपंथी नेता और बाहरी माने जाने वाले कालिन जॉर्जेस्क्यू की जीत हुई थी।
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पहले चरण के उलट आए नतीजे
रोमानिया में 18 मई को दूसरे चरण का मतदान हुआ। 1.1 करोड़ वोटों में से करीब 1 करोड़ वोटों की गिनती हो चुकी है और उसके मुताबिक निकुसर डैन को 54.32 प्रतिशत वोट पाकर सबसे आगे हैं। वहीं जॉर्ज सिमियोन को 45 प्रतिशत वोट मिले हैं। निकुसर डैन की जीत को रूस के लिए झटका माना जा रहा है। पहले चरण के मतदान में धुर दक्षिणपंथी नेता जॉर्ज सिमियन ने जीत हासिल की थी। वहीं बुखारेस्ट के मेयर निकुसर डैन दूसरे स्थान पर रहे थे। गौरतलब है कि सत्ताधारी गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार क्रिन एंटोन्सकू को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा और उन्हें महज 20 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला। रोमानिया में कुछ महीने पहले भी मतदान हुआ था, लेकिन उसे रद्द कर दिया गया था। उस चुनाव में रूस के दखल के आरोप लगे थे।
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पिछले साल हुए चुनाव अदालत ने कर दिए थे रद्द
पहले चरण में रूस समर्थक सिमियोन की जीत ने कहीं न कहीं यूरोपीय संघ समर्थकों को चिंता में डाल दिया था। यही वजह रही कि दूसरे चरण के मतदान में लोगों ने जमकर मतदान किया और दूसरे चरण में मतदान प्रतिशत भी 64 प्रतिशत रहा। 4 मई को हुए पहले चरण के मतदान में सिर्फ 53 प्रतिशत मतदान ही हुआ था। रोमानिया में बीते साल भी मतदान हुआ था, लेकिन चुनाव में रूस के दखल के आरोपों के बाद रोमानिया की शीर्ष अदालत ने उस मतदान को रद्द कर दिया। हालांकि रूस ने इन आरोपों से इनकार किया था। उस चुनाव में धुर दक्षिणपंथी नेता और बाहरी माने जाने वाले कालिन जॉर्जेस्क्यू की जीत हुई थी।