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PM Modi: पीएम मोदी ने UAE के अखबार को दिया खास इंटरव्यू, COP28 से पहले इन मुद्दों पर विस्तार से रखी अपनी बात
Fri, 01 Dec 2023 09:06 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 01 Dec 2023 09:06 AM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात हरित और अधिक समृद्ध भविष्य को आकार देने के लिए एक साथ खड़े हैं। हम जलवायु कार्रवाई पर वैश्विक चर्चा को आगे बढ़ाने और उस पर अमल करने के अपने संयुक्त प्रयासों में दृढ़ हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : Social Media
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात के एक अखबार को इंटरव्यू दिया। इसमें उन्होंने कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा, 'भारत को उम्मीद है कि संयुक्त अरब अमीरात की मेजबानी में आयोजित COP28 प्रभावी जलवायु कार्रवाई में नई गति लाएगा। भारत और संयुक्त अरब अमीरात हरित और अधिक समृद्ध भविष्य को आकार देने के लिए एक साथ खड़े हैं। हम जलवायु कार्रवाई पर वैश्विक चर्चा को आगे बढ़ाने और उस पर अमल करने के अपने संयुक्त प्रयासों में दृढ़ हैं।
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विकासशील देशों की वजह से समस्या उत्पन्न नहीं हुई: पीएम
जलवायु फाइनेंस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह जानना बहुत जरूरी है कि विकासशील देशों की वजह से समस्या उत्पन्न नहीं हुई है और न ही उनकी वजह से यह इतनी बड़ी हुई है। फिर भी विकासशील देश इसके समाधान का हिस्सा बनना चाहते हैं। हालांकि, वे आवश्यक वित्तपोषण और प्रौद्योगिकी तक पहुंच के बिना इसमें योगदान नहीं दे सकते। इसलिए मैं जरूरी जलवायु वित्तपोषण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक सहयोग की पुरजोर वकालत करता हूं।
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ग्लोबल साउथ पर भी बोले
उन्होंने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात हरित और अधिक समृद्ध भविष्य को आकार देने में भागीदार के रूप में खड़े हैं। मेरा मानना है कि जलवायु कार्रवाई समानता, जलवायु न्याय, साझा दायित्व और साझा क्षमताओं पर आधारित होने चाहिए। इन सिद्धांतों का पालन कर हम एक स्थायी भविष्य की ओर एक रास्ता बना सकते हैं, जो किसी को भी पीछे नहीं छोड़ता है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ग्लोबल साउथ की विकास प्राथमिकताओं से समझौता न किया जाए। मुझे खुशी है कि हाल ही में नई दिल्ली जी20 के दौरान शिखर सम्मेलन में इसको उचित रूप से संबोधित किया गया है। इसमें वैश्विक स्तर पर सभी स्रोतों से निवेश और जलवायु वित्त को अरबों से खरबों डॉलर तक तेजी से और बड़े पैमाने पर बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
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सीओपी28 की मेजबानी पर कही यह बात
उन्होंने कहा कि सीओपी28 में हमें जलवायु वित्त पर नए सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य (एनसीक्यूजी) पर विश्वसनीय प्रगति की उम्मीद है। हमें खुशी है कि यूएई सीओपी28 की मेजबानी कर रहा है। मैं इस विशेष अवसर पर संयुक्त अरब अमीरात की सरकार और लोगों को बधाई देता हूं। दोनों देश जलवायु परिवर्तन की गंभीर वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।