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गर्भपात का मुद्दा: सीनेट में बिल गिर जाने से बाइडन की मुसीबत और बढ़ी

Thu, 12 May 2022 05:10 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 12 May 2022 05:10 PM IST
सार

उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि सीनेट अपने शरीर के बारे में खुद निर्णय लेने के महिलाओं के अधिकार के पक्ष में खड़ा होने में विफल रहा। इससे साफ हो जाता है कि सीनेट ऐसी जगह नहीं रह गया है, जहां अमेरिकी बहुमत की राय की नुमाइंगी होती हो...

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President Joe Biden troubles increased after the first attempt to keep abortion a legal right in US failed in the Senate
अमेरिकी गर्भपात कानून - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

अमेरिका में गर्भपात को कानूनी अधिकार बनाए रखने की पहली कोशिश के ही सीनेट में नाकाम हो जाने से राष्ट्रपति जो बाइडन की मुसीबत गहरा गई है। इससे यह साफ संकेत मिला है कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने अगले महीने गर्भपात को संवैधानिक घोषित करने के अपने 1973 के निर्णय को पलट दिया, तो बाइडन प्रशासन कानून बना कर इस अधिकार की रक्षा नहीं कर पाएगा। वेबसाइट पॉलिटिको ने पिछले दिनों अपनी एक एक्सक्लूसिव खबर में बताया था कि सुप्रीम कोर्ट ने 1973 के फैसले को पलटने का निर्णय ले लिया है। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने पुष्टि की थी कि वेबसाइट पर इस संबंध में छपा दस्तावेज असली है।

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वह खबर छपने के बाद से बाइडन प्रशासन कानून बनाने के लिए दबाव में है। देश के प्रोग्रेसिव खेमे और मानव अधिकार संगठनों ने मांग की है कि राष्ट्रपति गर्भपात के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए अपने अधिकार का इस्तेमाल करें। सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी चुनावी सफलताओं के लिए प्रोग्रेसिव समूहों के समर्थन पर निर्भर रहती है।

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जो मेंचिन ने भी किया विरोध में मतदान

इसीलिए बुधवार को डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट में गर्भपात को वैध बनाने के लिए एक संघीय बिल पेश किया। ये बिल पारित हो जाता, तो रिपब्लिकन पार्टी शासित राज्यों के लिए गर्भपात पर रोक लगाना संभव नहीं रह जाता। यह बिल पारित होने के लिए 100 सदस्यीय सीनेट में 60 सदस्यों के वोट की जरूरत थी। ये बिल 11 वोटों के अंतर से गिर गया। जिन लोगों ने इसके खिलाफ मतदान किया, उनमें डेमोक्रेटिक सीनेटर जो मेंचिन भी हैं। जबकि रिपब्लिकन पार्टी के सभी सदस्यों ने बिल के विरोध में वोट डाले।

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इस पराजय के बाद सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शुमर ने कहा कि बिल के परास्त होने के बावजूद इसे लाना महत्त्वपूर्ण पहल है। इससे यह संदेश गया है कि डेमोक्रेटिक पार्टी महिलाओं के प्रजनन संबंधी अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है। बिल गिर जाने के बाद राष्ट्रपति बाइडन ने भी एक बयान जारी किया। इसमें उन्होंने कहा- ‘एक भी रिपब्लिकन सदस्य ने बिल के समर्थन में मतदान नहीं किया। इससे साफ है कि पूरी पार्टी लोगों के अपने शरीर, परिवार और जीवन जैसे सर्वाधिक व्यक्तिगत मामलों में खुद निर्णय लेने के अधिकार के खिलाफ खड़ी हो गई है।’

बढ़ रही बाइडन के प्रति नाराजगी

उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि सीनेट अपने शरीर के बारे में खुद निर्णय लेने के महिलाओं के अधिकार के पक्ष में खड़ा होने में विफल रहा। इससे साफ हो जाता है कि सीनेट ऐसी जगह नहीं रह गया है, जहां अमेरिकी बहुमत की राय की नुमाइंगी होती हो। उन्होंने कहा- अब यह जरूरी हो गया है कि लोग स्थानीय, राज्य और संघीय स्तरों पर होने वाले चुनावों में गर्भपात समर्थक नेताओं को अपना समर्थन दें।



मीडिया रिपोर्टें के मुताबिक प्रोग्रेसिव खेमों को पहले से अंदाजा था कि बिल का यही नतीजा होगा। इन खेमों में राष्ट्रपति बाइडन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। प्रोग्रेसिव समूहों ने मांग की थी कि राष्ट्रपति अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर सीनेट में फिलिबस्टर के नियम को हटा दें। अगर ये नियम नहीं होता, तो बिल 51 सदस्यों के समर्थन से पारित हो सकता था। बाइडन अभी तक फिलिबस्टर को निलंबित करने के लिए तैयार नहीं हुए हैँ।

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