फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   2021 Nobel Prize ceremony canceled again, President Gotabaya Rajapaksa said addressing the high level UN General Debate, read other important news of the world

ओस्लो: नोबेल पुरस्कार समारोह फिर रद्द, स्थायी शांति के लिए राजपक्षे की सलाह, पढ़ें पांच खबरें

Fri, 24 Sep 2021 12:51 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र।
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 24 Sep 2021 12:51 AM IST
सार

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने कहा कि उनकी सरकार का सभी श्रीलंकाई नागरिकों के लिए एक समृद्ध, स्थिर और सुरक्षित भविष्य निर्माण का दृढ़ इरादा है।

विज्ञापन
2021 Nobel Prize ceremony canceled again, President Gotabaya Rajapaksa said addressing the high level UN General Debate, read other important news of the world
गोटाबाया राजपक्षे - फोटो : twitter

विस्तार

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने कहा है कि देश में स्थायी रूप से शांति हासिल करने के लिए घरेलू संस्थानों के जरिये तमिल समुदाय से सार्थक सुलह जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि उनकी सरकार इस प्रक्रिया में सभी पक्षकारों को शामिल करने तथा अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों का सहयोग हासिल करने के लिए तैयार है।

विज्ञापन


संयुक्त राष्ट्र महासभा की उच्च स्तरीय चर्चा को संबोधित करते हुए राजपक्षे ने कहा, 2009 तक देश को 30 वर्षों तक अलगाववादी युद्ध का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि 2019 में श्रीलंका ने ईस्टर संडे हमलों में चरमपंथी धार्मिक आuतंकवादियों द्वारा मचाई गई तबाही देखी जिसमें 250 से अधिक लोग मारे गए थे।
विज्ञापन


उन्होंने लिट्टे के साथ क्रूर संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा, आतंकवाद एक वैश्विक चुनौती है जिससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।

श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने कहा, स्थायी शांति के लिए घरेलू संस्थानों के जरिये वृहद जवाबदेही, दृढ़ न्याय और सार्थक सुलह को बढ़ावा देना जरूरी है।

मानवाधिकार परिषद की घोषणा के बाद आई राजपक्षे की टिप्पणी
राजपक्षे की ये टिप्पणियां तब आई है जब संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने पिछले सप्ताह जिनेवा में घोषणा की थी कि उनके पास लिट्टे के साथ संघर्ष के अंतिम चरण में श्रीलंकाई बलों के कथित दुर्व्यवहार पर करीब 1,20,000 दस्तावेजों का सबूत हैं। उन्होंने नवंबर 2019 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर कहा था कि उन्हें सिंहली बहुसंख्यक आबादी ने चुना है और वे उनके हित में काम करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

2021 का नोबेल पुरस्कार समारोह फिर रद्द

नोबेल फाउंडेशन ने गुरुवार को बताया कि बीते वर्ष की तरह इस बार भी स्टॉकहोम में नोबेल पुरस्कार समारोह का आयोजन नहीं किया जाएगा। विजेताओं को पुरस्कार उनके देश में में ही पहुंचाया जाएगा। कोविड-19 के चलते लगातार दूसरे वर्ष यह समारोह रद करना पड़ा है। बीते वर्ष पुरस्कार समारोह के दौरान होने वाले कई उत्सवों की जगह ऑनलाइन गतिविधियों का आयोजन किया गया था।

इस संबंध में नोबेल फाउंडेशन की तरफ से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि सब चाहते हैं कि कोविड-19 खत्म हो जाए, लेकिन यह माहमारी अब भी हमारे बीच है। उम्मीद है नोबेल पुरस्कार विजेताओं के बिना ही एक छोटा समारोह किया जा सके, जिसका लाइव प्रसारण किया जाए। हालांकि, नॉर्वेजियन नोबेल कमिटी की तरफ से ओस्लो में विजेताओं को व्यक्तिगत तौर पर सम्मानित करने की संभावनाओं को खुला रखा है।

समिति ने कहा कि अक्तूबर के मध्य में समिति ओस्लो में होने वाले समारोह के प्रारूप के बारे में घोषणा करेगी। पिछले वर्ष एक वर्चुअल समारोह में शांति का नोबेल पुरस्कार वर्ल्ड फूड प्रोग्राम को दिया गया था। इस वर्ष के चिकित्सा, भौतिकी, रसायन, शांति व गणित के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा चार से 11 अक्तूबर के दौरान की जाएगी।

केन्या में नौका पलटने से सात लोगों की मौत

लेक विक्टोरिया में एक नौका के पलटने से सात लोगों की मौत हो गई। होमा बे काउंटी के आयुक्त मूसा लिलान ने बताया कि लेक से सात शव निकाले गए। मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि चार लोग अब भी लापता हैं। पुलिस ने बताया कि हादसे के समय नौका पर 19 यात्री सवार थे। हादसा तट से करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर हुआ। काउंटी के आयुक्त ने बताया कि नौका में क्षमता से अधिक लोग सवार थे और सामान भी अधिक था। वहीं, नौका चलाने वाले फलिक्स ओमा का कहना है कि हादसा खराब मौसम के कारण हुआ।

पाक: अहमदियाओं पर मानवाधिकार संगठन चिंतित

पाक में अहमदिया समुदाय के हालिया उत्पीड़न से कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन चिंतित हैं। इंटरनेशनल फोरम फॉर राइट एंड सिक्योरिटी ने कहा है कि संगठन धार्मिक कट्टरपंथियों व सरकारी संस्थानों के हाथों अहमदिया मुस्लिम समुदाय के साथ किए जा रहे उत्पीड़न का दस्तावेजीकरण कर रहे हैं। नवीनतम घटना में, जमीयत-ए-उलेमा पाकिस्तान के तत्वावधान में 12 सितंबर को आयोजित एक खतम-ए-नबुवात सम्मेलन में की गई वह मांग है जिसमें कहा गया कि सरकार अहमदियाओं को प्रमुख पदों से हटा दें।

चीन ने ताकत दिखाने को ताइवान की ओर भेजे 19 लड़ाकू विमान

चीन ने शक्ति प्रदर्शन करने के लिए बृहस्पतिवार को ताइवान की ओर 19 लड़ाकू विमान भेजे। इससे पहले स्वशासित द्वीप ने ऐलान किया था कि उसकी मंशा 11 सदस्यीय प्रशांत व्यापार समूह में शामिल होने की है। इस समूह में शामिल होने के लिए चीन ने भी आवेदन किया है। ताइवान के आवेदन से उसकी बीजिंग से एक और टकराव की आशंका है।

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि द्वीप ने चीन के विमानों की प्रतिक्रिया में हवाई गश्ती बलों को तैनात किया और उनकी रक्षा प्रणालियों पर नजर रखी। चीन के विमानों में 12 जे-16 और दो जे-11 एवं बमवर्षक और एक पनडुब्बी रोधी विमान था। चीन ने पिछले एक साल में लगभग हर दिन अपने लड़ाकू विमान ताइवान की ओर भेजे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed