समुद्र में डूब रही थीं दो लड़कियां, 71 वर्षीय राष्ट्रपति ने जान पर खेलकर बचाई जिंदगी
- दिल के मरीज रह चुके हैं 71 वर्षीय राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूसा
- दुनिया भर राष्ट्रपति सूसा के साहसिक प्रयास की जमकर हो रही प्रशंसा
विस्तार
अमूमन 71 साल की उम्र के किसी भी आदमी को अपनी मदद के लिए भी सहायक की आवश्यकता पड़ने लगती है। उस पर भी यदि आप दिल की बीमारी के शिकार हैं तो शायद ही किसी भी तरह का खतरा उठाना पसंद करेंगे बशर्ते आप पुर्तगाल के राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डि सूजा नहीं हैं।
राष्ट्रपति मार्सेलो ने जबरदस्त बहादुरी का परिचय देते हुए समुद्र में डूब रहीं दो लड़कियों की जान बचाकर सभी को हैरान कर दिया है। दरअसल, यह घटना 15 अगस्त के दिन अलगारवे शहर के प्रेया डो अल्वोर बीच पर घटी है, जहां दो लड़कियां कयाक (एक प्रकार की डोंगीनुमा नाव) लेकर समुद्र के अंदर गई थीं।
लेकिन समुद्र में थोड़ा आगे जाने पर इन लड़कियों की नाव तेज लहर के चलते पलट गई और वे डूबने लगे। इस दौरान राष्ट्रपति मार्सेलो भी बीच पर ही मौजूद थे और मीडिया से पर्यटन व्यवसाय को लेकर बात कर रहे थे। उन्होंने पानी में हाथ-पैर मारतीं लड़कियों को देखा और तत्काल तैरकर उनके पास पहुंच गए।
Marcelo Rebelo De Sousa, 71 ans, président de la république portugaise, a sauvé de la noyade deux femmes dans la mer en Algarve. 😯😯 Avec un président comme ça, le Portugal ne craint rien. #SuperMarcelo pic.twitter.com/eVDbuIdYxZ
— Philippe Marlière (@PhMarliere) August 16, 2020
इस दौरान वहां एक अन्य व्यक्ति भी जेट स्की लेकर पहुंच गया, जिसकी मदद से उन्होंने नाव को सीधा करते हुए दोनों लड़कियों की जान बचा दी। बता दें कि राष्ट्रपति मार्सेलो दिल के मरीज हैं। पिछले साल ही उन्होंने दिल का एक माइनर ऑपरेशन भी कराया था। राष्ट्रपति मर्सेलो ने कहा कि लड़कियां अभी अच्छे से तैरना नहीं जानती थीं। उन्होंने यह भी कहा कि इस समुद्री बीच की तेज लहरें कुशल तैराकों के लिए भी दिक्कत पैदा कर सकती हैं।
छुट्टियां बिता रहे थे राष्ट्रपति
पुर्तगाली टीवी चैनल 20 मिन्टोस के मुताबिक, कोरोना के चलते अन्य देशों की तरह पुर्तगाल का भी पर्यटन सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लोगों को एक बार फिर घर से निकलने और पर्यटन के लिए प्रेरित करने को राष्ट्रपति अलगारवे में दो दिन की छुट्टियां बिता रहे हैं।
फारो जिले का प्रशासनिक मुख्यालय अल गारवे पुर्तगाल के लिए लिस्बन के बाद पर्यटन राजस्व में दूसरे नंबर पर है। तभी उन्होंने देखा कि दो महिलाएं समुद्र में फंसी हैं। वे बहकर परिआ डो अल्वोर में पहुंच गई। समुद्र में भी काफी ऊंची लहरें उठ रही थीं। तेज लहरों के चलते महिलाएं तैर भी नहीं पा रही थीं।
भारत के गोवा से है नाता
राष्ट्रपति मार्सेलो के पुरखों का भारत के गोवा से करीबी नाता रहा है, जो अपनी आजादी से पहले लंबे समय तक पुर्तगाली उपनिवेश रहा था। पुर्तगाली राष्ट्रपति के इस साहसिक प्रयास का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और उनके एक सेलीब्रेटी होने के बावजूद खुद आगे बढ़कर अपने लोगों की जान बचाने की इस कोशिश के लिए दुनिया भर में जमकर प्रशंसा की जा रही है।