फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Polish author Olga Tokarczuk and Austrian author Peter Handke won Literature nobel prize

ओल्गा तोकारजुक को 2018 और पीटर हैंडके को 2019 के लिए साहित्य का नोबेल

Thu, 10 Oct 2019 04:45 PM IST
अमित कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: अमित कुमार Updated Thu, 10 Oct 2019 04:45 PM IST
विज्ञापन
Polish author Olga Tokarczuk and Austrian author Peter Handke won Literature nobel prize
साहित्य के नोबेल पुरस्कार विजेता ओल्गा व पीटर - फोटो : Twitter
नोबेल पुरस्कारों की सीरीज में गुरुवार को साहित्य के नोबेल पुरस्कार विजेताओं की घोषणा हो गई है। वर्ष 2018 के लिए पोलैंड की लेखिका ओल्गा तोकारजुक को इस पुरस्कार से नवाजा जाएगा। जबकि साल 2019 का पुरस्कार आस्ट्रियाई लेखक पीटर हैंडके को दिया जाएगा। 
विज्ञापन

ओल्गा को मिल चुका है बुकर प्राइज 

विज्ञापन
विज्ञापन


लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता ओल्गा टोकारजुक को मौजूदा पीढ़ी के व्यावसायिक रूप से सफल लेखकों में से एक के रूप में जाना जाता है। 2018 में, उन्हें उपन्यास फ्लाइट्स (जेनिफर क्रॉफ्ट द्वारा अनुवादित) के लिए बुकर प्राइज से नवाजा गया था। यह पुरस्कार जीतने वाली वह पोलैंड की पहली लेखिका हैं। उन्होंने वारसॉ विश्वविद्यालय से मनोवैज्ञानिक के तौर पर प्रशिक्षण लिया है और छोटी गद्य रचनाओं के साथ कविताओं, कई उपन्यासों, साथ ही अन्य पुस्तकों का संग्रह प्रकाशित किया। 'फ्लाइट्स' ने 2008 में, पोलैंड का शीर्ष साहित्यिक पुरस्कार नाइकी अवार्ड भी जीता। 

पीटर ने मां की खुदकुशी पर लिखा


ऑस्ट्रियाई उपन्यासकार, नाटककार और अनुवादक 76 वर्षीय पीटर ने कभी अपनी मां की खुदकुशी से प्रभावित होकर 'द सॉरो बियॉड ड्रीम्स' बुक की रचना की थी। वह एक फिल्म लेखक भी रहे हैं। उनकी एक फिल्म को 1978 के कान फेस्टिवल और 1980 के गोल्ड अवॉर्ड के लिए नामित किया गया था।

मीटू के चलते पिछले साल नहीं दिया गया था साहित्य का नोबेल 

पिछले साल नोबेल संस्थान की एक पूर्व सदस्या के पति फ्रांसीसी फोटोग्राफर ज्यां क्लाउड अर्नाल्ट पर यौन शोषण के आरोप लगे थे। इसके बाद स्वीडन की अकादमी को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इसी वजह से उसने 2018 के साहित्य के नोबेल पुरस्कार नहीं देने की घोषणा की थी। 

1936 में भी नहीं दिए गए थे पुरस्कार 

हालांकि ये पहला मौका नहीं था। इससे पहले 1936 में भी पुरस्कार नहीं दिए गए थे। उस साल का पुरस्कार एक साल बाद इयुगेन ओ'नील को दिया गया था। 







विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed