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Hindi News ›   World ›   Policy Research Group Report Said Funding from Qatar for religious animosity and terror sending millions of dollars on the pretext of construction of Mosques and Madrasas

पॉलिसी रिसर्च ग्रुप की रिपोर्ट में दावा: धार्मिक कटुता व आतंक के लिए कतर से फंडिंग, मस्जिद, मदरसों के निर्माण के बहाने भेज रहे करोड़ों डॉलर

Sun, 12 Jun 2022 06:39 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, दोहा (कतर)।
एजेंसी, दोहा (कतर)। Published by: देव कश्यप Updated Sun, 12 Jun 2022 06:39 AM IST
सार

वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा देने के मकसद से कई देशों में मस्जिद, मदरसों के निर्माण व मुस्लिमों को शिक्षा-रोजगार के समान अवसर की आड़ में करोड़ों डॉलर दे रहे हैं।

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Policy Research Group Report Said Funding from Qatar for religious animosity and terror sending millions of dollars on the pretext of construction of Mosques and Madrasas
कतर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

विस्तार

कतर की जमीन से न सिर्फ धार्मिक कटुता बढ़ाने, बल्कि दुनियाभर में आतंकवाद के विस्तार के लिए पैसा मुहैया कराया जा रहा है। एक पॉलिसी रिसर्च समूह की रिपोर्ट का दावा है कि कतर स्थित कई संगठन इस्लामिक कट्टरपंथी स्कूलों के जरिये भारत जैसे बहुधार्मिक देश में आपसी मतभेदों, संदेह को गहरा करने के लिए फंडिंग कर रहे हैं।

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वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा देने के मकसद से कई देशों में मस्जिद, मदरसों के निर्माण व मुस्लिमों को शिक्षा-रोजगार के समान अवसर की आड़ में करोड़ों डॉलर दे रहे हैं। लंदन के लेखक जेम्स डगलस क्रिक्टन के हवाले से रिपोर्ट में लिखा है, भारत समेत विश्वभर में कट्टरपंथ बढ़ाने के पीछे 'शेख ईद बिन मोहम्मद अल थानी' का बड़ा हाथ है। ईद चैरिटी के नाम से मशहूर इस संगठन के संस्थापक सदस्य, अब्द अल-रहमान अल-नुअयमी को अमेरिका ने 2013 में विशेष नाम के वैश्विक आतंकी घोषित किया था। उस पर सीरिया, यमन, इराक व सोमालिया में अल कायदा व सहयोगी गुटों को वित्तीय सहायता के आरोप लगे थे। 
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शैल कंपनियां की आड़ में पहुंच रही रकम
रिपोर्ट का दावा है, कतर से सीधे बड़ी फंडिंग लेने वाले लाभार्थी संगठन अलकायदा, इस्लामिक स्टेट जैसे खंूखार आतंकी गुटों से जुड़े छोटे समूहों की मदद करते हैं। यह पैसा शैल कंपनियोंं की आड़ में पहुंचाया जाता है।
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ईद चैरिटी के लीक दस्तावेज में भारत में केरल समेत कई जगह आठ सलाफी समूहों को भवन निर्माण, मस्जिदों की मरम्मत और पानी के पंप लगाने के बहाने कतर से बड़ी रकम पहुंचाने का खुलासा हुआ है।

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