कैरिकॉम देशों के साथ बैठक में बोले पीएम, बेहतर वर्तमान और भविष्य के लिए साथ आने की जरूरत
- कैरिकॉम देशों को भारत देगा ने 14 मिलियन डॉलर की आर्थिक मदद
- 21 विकासशील कैरेबियाई देशों का एक समूह है CARICOM
- एस्टोनिया की राष्ट्रपति केर्ति कलजुलैद के साथ की द्विपक्षीय वार्ता
- जॉर्जटाउन, गुयाना में सूचना प्रोद्योगिकी केंद्र स्थापित करेगा भारत
- कई अन्य देशों के प्रतिनिधियों से भी की प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को (स्थानीय समयानुसार) संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर कैरेबियन समुदाय और साझा बाजार (CARICOM) के सदस्यों के साथ बैठक की। कैरिकॉम कैरेबिया में 21 विकासशील देशों का एक समूह है जो एक आर्थिक और राजनीतिक समुदाय बनाने के लिए आगे आए हैं, जो क्षेत्र के लिए नीतियों का निर्माण करने और व्यापार व आर्थिक विकास की गति को बढ़ाने के लिए साथ काम करते हैं।
बैठक में शामिल हुए नेताओं और नौकरशाहों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आप इस बैठक में भाग लेने के लिए आए, इसका मैं स्वागत करता हूं। मेरा देश वर्तमान की कुछ समस्याओं जैसे जलवायु परिवर्तन और गरीबी आदि के खिलाफ लड़ रहा है। आज की बैठक कैरिकॉम देशों के साथ भारत की भागीदारी पर केंद्रित है, जिससे आज की जरूरतों और भविष्य की उम्मीदों को लेकर साथ में कार्य किया जा सके। मैं उम्मीद करता हूं कि आज हम सब इसके लिए अपने महत्वपूर्ण विचार साझा करेंगे।'
विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कैरिकॉम देशों में सामुदायिक विकास परियोजनाओं के लिए 100 करोड़ रुपये (14 मिलियन डॉलर) की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की और सौर ऊर्जा, नवीनीकरण ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन संबंधी परियोजनाओं के लिए करीब 10,69,80,00,000 रुपये (150 मिलियन डॉलर) की कर्ज सीमा की घोषणा भी की।
Ministry of External Affairs: PM Narendra Modi announced a USD 14 million grant for community development projects in the Caribbean Community and Common Market (CARICOM) & another USD 150 million Line of Credit for solar, renewable energy & climate change related projects. https://t.co/9fLyqVv3gt
— ANI (@ANI) September 25, 2019
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने जॉर्जटाउन और गुयाना में क्षेत्रीय सूचना प्रोद्योगिकी केंद्र और बेलीज में क्षेत्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना करने की भी घोषणा की।
Ministry of External Affairs: PM Modi also announced the setting up of the Regional Center for Excellence in Information Technology in Georgetown, Guyana and the Regional Vocational Training Center in Belize by upgrading the existing India-funded centers in these countries. https://t.co/651KsyQNWf
— ANI (@ANI) September 25, 2019
इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर कहा था, 'कैरेबियाई देशों के साथ भारत के ऐतिहासिक और प्रगाढ़ संबंधों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूएनजीए से इतर भारत-कैरिकॉम नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं।' इस बैठक में कुल 14 कैरेबियाई देशों के नेता उपस्थित रहे।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोइंग डिफेंस, स्पेस एंड सिक्योरिटी की सीईओ लिएन केरेट मे भी मुलाकात की थी।
New York: Leanne Caret, CEO of Boeing Defense, Space & Security met Prime Minster Narendra Modi, earlier today. pic.twitter.com/IgESxdkIW0
— ANI (@ANI) September 25, 2019
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मे न्यूयॉर्क में अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान से भी मुलाकात की।
USA: Prime Minister Narendra Modi meets Prime Minister of Armenia, Nikol Pashinyan in New York. #UNGA pic.twitter.com/wRd6b0xXBU
— ANI (@ANI) September 25, 2019
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न से मुलाकात की।
USA: Prime Minister Narendra Modi meets the Prime Minister of New Zealand, Jacinda Ardern in New York. #UNGA pic.twitter.com/u4MGxuWx3m
— ANI (@ANI) September 25, 2019
प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूयॉर्क में एस्टोनिया की राष्ट्रपति केर्ति कलजुलैद के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।
PM Narendra Modi holds bilateral meeting with President of Estonia,Kersti Kaljulaid in New York pic.twitter.com/gKRd9kW9hN
— ANI (@ANI) September 25, 2019
विदेश मंत्री ने पाकिस्तान पर साधा निशाना
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को लेकर कहा, 'आपके पास एक ऐसा पड़ोसी (पाकिस्तान) है जो आपके साथ व्यापार नहीं करेगा, जो विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) का सदस्य है और उससे पहले जनरल एग्रीमेंट ऑन टैरिफ एंड ट्रेड (जीएटीटी) का सदस्य है, लेकिन कानूनी रूप से बाध्य होने के बावजूद मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा आगे नहीं बढ़ाएगा।'
EAM, S Jaishankar on Pakistan: You have a neighbor who will not trade with you, who is member of World Trade Organization (WTO) & before that of General Agreement on Tariffs & Trade (GATT) but will not extend Most Favoured Nation (MFN) status even though they are legally obliged. pic.twitter.com/c9AxZLNQdd
— ANI (@ANI) September 26, 2019
उन्होंने कहा, 'आपका पड़ोसी ऐसा है जो आपको संपर्क नहीं करने देगा... जिसने कई मायनों में क्षेत्रवाद को धीमा कर दिया है क्योंकि उसे चिंता है कि यह उन्हें हमारी अर्थव्यवस्था के साथ जोड़ सकता है... जो लोगों की बातचीत को भी फिल्टर करता है। ऐसा पड़ोसी बहुत चुनौती पूर्ण है।'
EAM, S Jaishankar in New York: You have a neighbor who will not allow you connectivity...who in many ways has slowed down regionalism because of concern that it might integrate them more with our economy...who filters people to people interaction. It's a very challenging neighbor https://t.co/chRNhiw53l
— ANI (@ANI) September 26, 2019