ह्यूस्टन: पीएम मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र के सीईओ से की मुलाकात, 17 कंपनियों ने लिया हिस्सा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात दिनों के दौरे के लिए अमेरिका पहुंच गए हैं। अपनी यात्रा के पहले दिन उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र के सीईओ के साथ राउंड टेबल बैठक की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बैठक को फलदाई बताया है। बैठक में ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक साथ काम करने और भारत और अमेरिका के बीच आपसी निवेश के अवसरों के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया गया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट करके कहा, ''आते ही सीधे काम शुरू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ह्यूस्टन में ऊर्जा क्षेत्र के सीईओ के साथ अभी एक सफल राउंड टेबल बैठक संपन्न की। बातचीत भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सुरक्षा के लिए साथ मिल कर काम करने और साझा निवेश के अवसरों को बढ़ाने पर केंद्रित थी।' सूत्रों ने बताया कि बैठक में शामिल होने वाली सभी कंपनियों की भारत में मौजूदगी है।
सूत्रों ने कहा, 'राउंड टेबल में ऊर्जा क्षेत्र की 17 वैश्विक कंपनियों ने हिस्सा लिया। 150 देशों में उपस्थिति के साथ इन कंपनियों की नेट वर्थ एक ट्रिलियन डॉलर है। इन सभी कंपनियों की भारत में किसी न किसी तरह की उपस्थिति है। बैठक का उद्देश्य हमारी रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी के एक हिस्से के रूप में दोनों पक्षों के ऊर्जा सहयोग को गहरा करना था।'
सूत्रों ने आगे कहा, 'समर्थन और सुविधा के लिए सीईओ सरकार के शुक्रगुजार थे। सीईओ ने भारत में अपनी पहुंच बढ़ाने को लेकर बात की। उन्होंने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सरकार के प्रयासों, क्षेत्र में डिरेग्युलेशन की दिशा में उठाए गए कदम और सुधार की सराहना की। साथ ही वह भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर उत्साहित नजर आए।'
Sources: CEOs talked about enhancing their footprint in India. They lauded government efforts towards Ease of Doing Business, steps taken towards deregulation in the sector, supported reforms and policies and were upbeat on the Indian economy.
— ANI (@ANI) September 22, 2019
इमर्शन इलेक्ट्रिक कंपनी के अध्यक्ष माइक ट्रेन ने प्रधानमंत्री की ऊर्जा क्षेत्र के सीईओ संग राउंड टेबल बैठक को लेकर कहा, 'बैठक का हिस्सा होना बहुत खुशी और सम्मान की बात थी। उन्होंने दृष्टिकोण और उत्साह को साझा किया। वह एक संतुलित दृष्टिकोण चाहते हैं जिससे भारत में ऊर्जा दीर्घकालिक रूप से आए।'
ट्रेन ने आगे कहा, 'हम भारतीय बाजार में काफी सक्रिय हैं। मैंने उन कामों को रेखांकित किया जो हमने 'इनवेस्ट इंडिया' के तहत किए हैं। हमने बहुत बड़ा निवेश किया है। हम अगले साल पुणे के नजदीक एक बड़ी विनिर्माण इकाई का काम खत्म करने वाले हैं।'