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Hindi News ›   World ›   PM Modi announces 10-point action plan at India-ASEAN Summit in Laos to further strengthen ties with region

Laos: ASEAN-इंडिया शिखर सम्मेलन में बोले PM मोदी, '10 वर्षों में आसियान के साथ हमारा व्यापार हुआ दोगुना'

Thu, 10 Oct 2024 06:07 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 10 Oct 2024 06:07 PM IST
सार

लाओस के वियनतियाने में 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज भारत की सात आसियान देशों के साथ सीधी उड़ान कनेक्टिविटी है और जल्द ही ब्रुनेई के साथ भी सीधी उड़ानें शुरू होंगी। हमने तिमोर-लेस्ते में एक नया दूतावास खोला है। जन-केंद्रित दृष्टिकोण हमारी विकास साझेदारी का आधार है। 

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PM Modi announces 10-point action plan at India-ASEAN Summit in Laos to further strengthen ties with region
ASEAN-इंडिया शिखर सम्मेलन - फोटो : ANI

विस्तार

लाओस के वियनतियाने में 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा,  मैंने भारत की एक्ट-ईस्ट नीति की घोषणा की थी। पिछले एक दशक में इस नीति ने भारत और आसियान देशों के संबंधों को नई ऊर्जा, दिशा और गति दी है।
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'10 वर्षों में आसियान के साथ हमारा व्यापार हुआ दोगुना'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान कहा, पिछले 10 वर्षों में हमारा आसियान क्षेत्रों के साथ हमारा व्यापार लगभग दो गुना होकर 130 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है। आज भारत ने 7 आसियान देशों के साथ डायरेक्ट फ्लाइट कनेक्टिविटी है और जल्द ही ब्रुनेई के साथ भी सीधी उड़ानें शुरू होंगी।
 

'21वीं सदी भारत और आसियान देशों की सदी'
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा, मेरा मानना है कि 21वीं सदी भारत और आसियान देशों की सदी है। आज जब दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और तनाव की स्थिति है, भारत और आसियान की मित्रता, संवाद और सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है
 

नालंदा विश्वविद्यालय में आसियान छात्रों को मिला लाभ
पीएम मोदी ने आगे कहा कि, नालंदा विश्वविद्यालय में 300 से अधिक आसियान छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ मिला है। विश्वविद्यालयों का नेटवर्क लॉन्च किया गया है। लाओस, कंबोडिया, वियतनाम, म्यांमार, इंडोनेशिया में साझा विरासत और धरोहर को संरक्षित करने के प्रयास किए गए हैं। चाहे वह कोविड महामारी हो या प्राकृतिक आपदा, हमने एक-दूसरे की मदद की है। कई क्षेत्रों में सहयोग के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी कोष, डिजिटल कोष और ग्रीन फंड की स्थापना की गई है और भारत ने इनमें 30 मिलियन डॉलर से अधिक का योगदान दिया है।


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