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पाकिस्तान: 2016 में हुए भीषण विमान हादसे के लिए पीआईए के इंजीनियर जिम्मेदार
Fri, 20 Nov 2020 05:17 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 20 Nov 2020 05:17 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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करीब चार साल पहले पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का एक विमान खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हादसे का शिकार हो गया था। इसमें 47 लोगों की जान गई थी। शुक्रवार को सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस हादसे की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान में तीन तकनीकी खामियां थीं, जिनके लिए एयरलाइंस के इंजीनियर जिम्मेदार थे।
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उल्लेखनीय है कि पीआईए का एटीआर42 ( ATR42 ) विमान सात दिसंबर 2016 को खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में हवेलियन के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में यात्रियों और क्रू सदस्यों समेत सभी 47 लोगों की मौत हो गई थी। यह हादसा पाकिस्तान के इतिहास के सबसे भयावह विमान हादसों में से एक था, जिसमें गायक जुनैद जमशेद भी मारे गए थे।
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इसे लेकर पाकिस्तान के प्रमुख समाचार पत्र दि डॉन ने लिखा है कि विमान हादसा एवं जांच बोर्ड (एएआईबी) ने इस हादसे को लेकर अपनी जांच पूरी कर ली है। एएआईबी ने शुक्रवार को बताया कि हादसा होने से पहले इस विमान में तीन तकनीकी समस्याएं होने का पता चला है, जिनके लिए पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के इंजीनियर जिम्मेदार हैं।
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बता दें कि सिंध हाईकोर्ट (एसएचसी) की एक पीठ की ओर से एटीआर विमानों से संबंधित कई हादसों को लेकर दाखिल एक याचिका को लेकर इस हादसे की जांच रिपोर्ट के संबंध में बार-बार दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। जिसके बाद एएआईबी के अध्यक्ष एयर कमोडोर उस्मान गनी ने गुरुवार को यह रिपोर्ट सिंध हाईकोर्ट की पीठ के सामने पेश की थी।
पाकिस्तान के उड्डयन विभाग के प्रवक्ता और वरिष्ठ संयुक्त सचिव अब्दुल सत्तार खोखर ने इसे लेकर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। इसके अनुसार हादसे की जांच अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के तहत की गई। उन्होंने कहा कि जांच का उद्देश्य हवाई यात्रा की सुरक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य के साथ की गई थी।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, विमान हादसा तीन तकनीकी समस्याओं के कारण हुआ था। इनमें विमान के पहले इंजिन (Engine 1) के एक पावर टर्बाइन ब्लेड में टूट-फूट होना, ओवर-स्पीड गवर्नर के अंदर एक टूटी पिन का होना और संभवत: प्रोपेलर वाल्व मॉड्यूल के अंदर एक पहले से मौजूद समस्या का होना शामिल है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हादसे का शिकार होने से पहले विमान लगभग 42 मिनट तक हवा में रहा था। विमान के डिजिटल फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर के विश्लेषण से ऐसे संकेत मिले हैं कि विमान के पहले इंजन में खराबी थी। जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हादसा अचानक हुआ और विमान का क्रू ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित नहीं था।