पेंटागन का नया आकलन: रूस नहीं, चीन है अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा, गोपनीय दस्तावेज में खुलासा
इस दस्तावेज में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के लिए चार विशेष प्राथमिकताओं का उल्लेख किया गया है। कहा गया है कि चीन कई क्षेत्रों में अमेरिका के लिए खतरा पैदा कर रहा है। इसलिए पेंटागन को उन खतरों से निपटने की रणनीति बनानी होगी। इसमें कहा गया है कि अमेरिका को युद्ध में विजयी रहने के लिए खुद को तैयार करना होगा...
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यूक्रेन युद्ध के कारण अमेरिका और उसके साथी देशों का अभी मुख्य निशाना रूस है, लेकिन अमेरिका के रक्षा रणनीतिकारों के बीच इस बात पर सहमति है कि अमेरिका के लिए मुख्य खतरा चीन है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने राष्ट्रीय रक्षा रणनीति (एनडीएस) के अपने ताजा दस्तावेज में ये बात बेलाग ढंग से कही है। पेंटागन ने अपना ये आकलन सोमवार को अमेरिकी कांग्रेस (संसद) को सौंपा। हालांकि ये पूरा दस्तावेज गोपनीय है, लेकिन मंगलवार को अमेरिकी मीडिया में आकलन के कुछ विवरण छपे। इसका आधार पेंटागन की तरफ से जारी एक संक्षिप्त फैक्ट शीट (ब्योरा) है।
अमेरिका को खुद को तैयार करना होगा
पर्यवेक्षकों का कहना है कि यूक्रेन युद्ध पर ध्यान टिके रहने के कारण पेंटागन के इस दस्तावेज पर वैसी चर्चा नहीं शुरू हुई है, जैसी आम दिनों में होती। उनके मुताबिक पेंटागन की फैक्ट शीट से सामने आई जानकारियां आंख खोल देने वाली हैं। पेंटागन ने इसमें कहा है- ‘चीन अमेरिका पर असर डाल सकने में सक्षम उसका सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी है, जो पेंटागन के लिए लगातार बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इसे देखते हुए पेंटागन तुरंत और निरंतर ढंग से अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएगा।’
इस दस्तावेज में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के लिए चार विशेष प्राथमिकताओं का उल्लेख किया गया है। कहा गया है कि चीन कई क्षेत्रों में अमेरिका के लिए खतरा पैदा कर रहा है। इसलिए पेंटागन को उन खतरों से निपटने की रणनीति बनानी होगी। इसमें कहा गया है कि अमेरिका को युद्ध में विजयी रहने के लिए खुद को तैयार करना होगा। उसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की तरफ से आने वाली चुनौती को यूरोप में रूस की तरफ से पेश आ रही चुनौती से अधिक महत्त्व देना होगा। तीसरी चुनौती यह बताई गई है कि चीन, अमेरिका, उसके सहयोगियों, और उसके मित्र देशों पर रणनीतिक हमले कर सकता है। इसके लिए अमेरिका को तैयार रहना होगा। दस्तावेज में अमेरिका के लिए चौथी प्राथमिकता यह बताई गई है कि उसे एक सशक्त संयुक्त बल और रक्षा सिस्टम निर्मित करना होगा।
साउथ चाइना सी में 1200 जासूसी उड़ानें
अमेरिका में नेशनल डिफेंस स्ट्रेटेजी (एनडीएस) का पिछला दस्तावेज 2018 में बना था। उस समय डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति थे। उसमें सलाह दी गई थी कि अमेरिका को पश्चिम एशिया में आतंकवाद विरोधी अभियानों से अपना ध्यान हटा कर उसे रूस और चीन के साथ खड़ी हुई प्रतिस्पर्धा पर केंद्रित करना चाहिए। उस दस्तावेज में इस प्रतिस्पर्धा को ‘ग्रेट पॉवर कॉम्पीटिशन’ बताया गया था। विश्लेषकों का कहना है कि इस दस्तावेज में रूस और चीन पर समान ध्यान देने की जरूरत बताई गई थी। लेकिन अब पेश किए गए दस्तावेज में निर्विवाद रूप से चीन को मुख्य खतरा बताया गया है। अमेरिकी आकलन में यह बहुत बड़ा बदलाव है।
विश्लेषकों ने ध्यान दिलाया है कि राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन पहले से ही इसी समझ पर चल रहा है। उसने अपनी सामरिक रणनीति दक्षिण-पूर्व एशिया पर केंद्रित कर रखी है। बीजिंग स्थित थिंक टैंक- चाइना सी प्रोबिंग इनिशिएटिव के मुताबिक अमेरिका ने 2021 में दक्षिण चीन सागर के ऊपर से तकरीबन 1,200 जासूसी उड़ानें भरीं। यह 2020 की तुलना में 20 फीसदी ज्यादा है।