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पेगासस स्पाइवेयर विक्रेता: हैकिंग के लिए हम नहीं ग्राहक दोषी, तो क्या लोगों ने खुद करवा लिए अपने फोन टैप

Thu, 22 Jul 2021 08:34 PM IST
प्रतिभा ज्योति वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, येरुशलम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, येरुशलम Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Thu, 22 Jul 2021 08:34 PM IST
सार

कथित तौर पर कुछ लोगों के फोन हैक करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाली जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस स्पाइवेयर की निर्माता कंपनी एनएसओ ग्रूप ने कहा है कि इस पूरे मामले में उसका कोई दोष नहीं है। यह सब ग्राहकों की गलती है। कंपनी का कहना है कि इस मामले में उसे दोषी ठहराना ऐसा है मानों नशे में कार के दुर्घटनाग्रस्त होने पर कार निर्माता की आलोचना करना।

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Pegasus spyware seller NSO Group: Don't blame us for the hacking, customers should be  blamed
एनएसओ कंपनी - फोटो : for reference only

विस्तार

पत्रकारों, कार्यकर्ताओं और राजनेताओं की फोन टैपिंग के लिए मामले में अंतरराष्ट्रीयआलोचना झेल रही पेगासस स्पाइवेयर की निर्माता कंपनी एनएसओ ग्रूप का कहना है कि कथित फोन हैकिंग के मामले में पूरा दोष ग्राहकों का है। कंपनी का कहना है कि अगर किसी ग्राहक ने सिस्टम का दुरुपयोग करने का फैसला किया, तो वह अब ग्राहक नहीं रहेगा। सभी गलती ग्राहकों की है और उन पर ही उंगली उठनी चाहिए। 

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उन 50,000 फोन नंबर की  जांच शुरू हो गई है जिसे कथित तौर पर पेगासस स्पाइवेयर ने हैक किया था। पैगासस आईफोन और एंड्रॉयड उपकरण को हैक कर लेता है जिससे बाद उसे ऑपरेटरों के सभी संदेश, फोटो और ईमेल, कॉल रिकॉर्ड और कैमरों पर उसका नियंत्रण हो जाता है।  

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फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन का नंबर भी था निशाने पर
एनएसओ समूह ने कहा है कि हमारा सॉफ्टवेयर अपराधियों और आतंकवादियों के खिलाफ उपयोग के लिए है और अच्छे मानवाधिकार रिकॉर्ड वाले देशों को केवल सैन्य, कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों के लिए उपलब्ध कराया गया है। लेकिन कंपनी की दलील से उलट फ्रांसीसी मीडिया आउटलेट फॉरबिडन स्टोरीज के नेतृत्व में समाचार संगठनों के एक संघ ने जो हैक किए गए नंबरों की जो सूची प्रकाशित की हैं,  उसके मुताबिक कंपनी के पास फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन का भी नंबर था और आरोप है कि उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता था।

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विदेशी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक एनएसओ समूह ने कहा कि उसे बताया गया है कि सूची उसके साइप्रस सर्वर से हैक की गई थी लेकिन कंपनी के एक प्रवक्ता का कहना है कि सबसे पहली बात यह है कि हमारे पास साइप्रस में सर्वर ही नहीं हैं, और दूसरी बात, हमारे पास ग्राहकों का कोई डेटा नहीं है। प्रवक्ता का यह भी कहना है कि हमारे ग्राहक एक-दूसरे से जुड़े नहीं है क्योंकि सभी ग्राहक अलग हैं। इसलिए हम नहीं मानते कि कहीं भी इस तरह की सूची होनी चाहिए। प्रवक्ता के मुताबिक जो नंबर बताए जा रहे हैं वो पेगासस के काम करने के तरीके के मुताबिक नहीं है। हमारा लक्ष्य केवल साल में 100 ग्राहकों का है। बल्कि जब से कंपनी शुरू हुई हमने तब भी 50,000 ग्राहकों का लक्ष्य नहीं रखा था।


जमाल खशोगी की फोन टैप कराने को लेकर भी आया था कंपनी का नाम
हाल के कुछ सालों में इस कंपनी पर कई बार यह आरोप लगा है कि सरकारों के निर्देश पर निर्दोष लोगों के फोन हैक करती है। वाशिंगटन पोस्ट के स्तंभकार जमाल खशोगी की हत्या कराने वालों के जरिए उनका फोन टैप कराने को लेकर भी इस कंपनी का नाम सामने आया था। लेकिन  कंपनी ने हमेशा सभी आरोपों से इनकार किया है।
 

इस महीने की शुरुआत में, एनएसओ ग्रुप ने अपनी पारदर्शिता रिपोर्ट लॉन्च करते हुए कहा था हमें खुद को एक उच्च मानक पर रखना चाहिए और मानव अधिकारों और गोपनीयता की सुरक्षा और चिंता सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शिता के साथ कार्य करना चाहिए। लेकिन बुधवार को, प्रवक्ता ने कहा मान लीजिए मैं एक कार का निर्माता हूं। आप कार लेकर नशे में गाड़ी चला रहे हैं और किसी को मार देते हैं, तो आप कार निर्माता के पास नहीं जाते, ड्राइवर के पास जाते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि हम सरकारों के साथ सब कानूनी रूप से करते हैं। 


जिन लोगों के नंबर सूची में हैं, उनमें से 67 फॉरबिडन स्टोरीज को अपने फोन फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए देने पर तैयार हो गए हैं। वहीं एमनेस्टी इंटरनेशनल की सिक्योरिटी लैब्स ने पहले दावा किया था कि इस शोध में कथित तौर पर उनमें से 37 पर इस बात के सबूत मिले कि पेगासस ने फोन टैप करने की कोशिश की थी। लेकिन एनएसओ ग्रुप ने कहा कि उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि कुछ फोन में स्पाइवेयर के अवशेष कैसे हैं। प्रवक्ता का कहना है कि यह महज एक संयोग हो सकता है। 

 

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