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नेपाल के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर ने पहली बार सार्वजनिक की अपनी संपत्ति

Thu, 06 Jun 2019 06:16 PM IST
Gaurav Pandey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Gaurav Pandey Updated Thu, 06 Jun 2019 06:16 PM IST
सार

  • नेपाल का सबसे प्राचीन हिंदू मंदिर है भगवान शिव को समर्पित पशुपतिनाथ मंदिर
  • संपत्ति में 9.27 किलो सोना, 316 किलो चांदी और 120 करोड़ रुपये की नकदी 
  • संपत्ति के अध्ययन के लिए 23 अक्तूबर 2017 को गठित की गई थी समिति
  • संपत्ति के विवरण में मुख्य मंदिर का खजाना की असल कीमत शामिल नहीं 

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Pashupatinath temple of Nepal revealed its assets for the first time
पशुपतिनाथ मंदिर - फोटो : नेपाल टूरिज्म बोर्ड

विस्तार

नेपाल के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर की संपत्ति पहली बार सार्वजनिक की गई है। देश के सबसे प्रतिष्ठित और धनी हिंदू मंदिर की संपत्ति का अध्ययन करने के लिए बनाई गई एक समिति ने संपत्ति का खुलासा किया है। समिति की रिपोर्ट के अनुसार मंदिर के पास 9.27 किलो सोना, 316 किलो चांदी और 120 करोड़ रुपये की नकदी है।

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मंदिर की आय की जांच के लिए पशुपति एरिया विकास ट्रस्ट द्वारा गठित एक समिति के अनुसार सोने और चांदी में राजस्व साल 1962 से 2018 तक यानी 56 साल की अवधि को पूरा करता है। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार पशुपति एरिया डेवलपमेंट ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक रमेश उप्रेती ने कहा कि यह पहली बार है जब हम ट्रस्ट की संपत्ति की रिपोर्ट सार्वजनिक कर रहे हैं। 
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रिपोर्ट में बताया गया है कि पशुपतिनाथ (भगवान शिव) को समर्पित इस पवित्र हिंदू मंदिर के पास विभिन्न बैंकों में 120 करोड़ रुपये की नकद संपत्ति, 9.276 किलो सोना, 316.58 किलो चांदी औक करीब 186 हेक्टेयर जमीन है। हालांकि, पशुपतिनाथ के मुख्य मंदिर में खजाने की वास्तविक कीमत का रिपोर्ट में उल्लेख नहीं किया गया है। दरअसल, 24 दिसंबर 2009 को देश की सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को इस खजाने को न खोलने का आदेश दिया था। 

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मंदिर के भूखंडों पर हो रहा अतिक्रमण

इस 11 सदस्यीय समिति का गठन मिलन कुमार थापा के नेतृत्व में सरकार ने 23 अक्तूबर 2017 को किया था। थापा ने कहा, 'ट्रस्ट की कई स्थानों पर जमीन है। लेकिन, पर्याप्त सबूत न होने के चलते हम इन्हें ट्रस्ट के अंतर्गत नहीं ला पाए हैं।' थापा ने चिंता जताते हुए कहा कि विभिन्न स्थानों पर ट्रस्ट से संबंधित भूखंडों पर अतिक्रमण कर लिया गया है। 

अपनी कुल पंजीकृत भूमि में से ट्रस्ट ने 59 हेक्टेयर भूमि त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और एक गोल्फ कोर्स को 99 साल के लिए 50 लाख रुपये के वार्षिक किराए पर लीज पर दी है। इसी तरह, ट्रस्ट ने 0.86 हेक्टेयर भूमि बौध में एक पांच सितारा होटल हयात रीजेंसी को लीज पर दी है। गोठटार में ट्रस्ट के पास 27 हेक्टेयर भूमि है जिसे सरकार ने साल 1998 में ट्रस्ट के नाम पंजीकृत किया था। साल 2002 से 2013 के बीच ट्रस्ट ने मंदिर के पास 76.5 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की है। 

नेपाल का सबसे प्राचीन हिंदू मंदिर

ट्रस्ट के सदस्य सचिव पदीप ढाकल ने कहा कि बुधवार को की गई घोषणा मंदिर की संपत्ति को सार्वजनिक करने की दिशा में पहला कदम है। ठाकल ने कहा कि चूंकि, पशुपतिनाथ सार्वजनिक संपत्ति है, कई लोग यह जरूर जानना चाहते हैं कि ट्रस्ट अपनी संपत्ति का प्रबंधन कैसे करता है। 

पांचवीं शताब्दी का पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल का सबसे प्राचीन हिंदू मंदिर है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कैबिनेट में शामिल कई लोग अपनी नेपाल यात्रा के दौरान मंदिर गए हैं। भारत से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पशुपतिनाथ के दर्शन करने जाते हैं।

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