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फांसी की सजा के खिलाफ मुशर्रफ ने लाहौर हाईकोर्ट में दायर की याचिका
Fri, 27 Dec 2019 05:34 PM IST
संदीप भट्ट
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: संदीप भट्ट
Updated Fri, 27 Dec 2019 05:34 PM IST
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परवेज मुशर्रफ (फाइल फोटो)
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पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ ने विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की है। मुशर्रफ ने शुक्रवार को अदालत में उस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की जिसमें उन्हें राजद्रोह का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई गई है। इस्लामाबाद की विशेष अदालत ने पिछले हफ्ते मुशर्रफ को राजद्रोह के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी।
डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मुशर्रफ की ओर से वकील अजहर सिद्दीकी ने शुक्रवार को लाहौर उच्च न्यायालय में 86 पृष्ठों की याचिका दायर की। इसमें संघीय सरकार और अन्य को प्रतिवादी बनाया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार याचिका में कहा गया है कि फैसले में कई विसंगतियां और विरोधाभासी बयान हैं। इसमें कहा गया है कि विशेष अदालत ने मामले की सुनवाई जल्दबाजी में की। न्यायमूर्ति मजाहिर अली अकबर नकवी की अध्यक्षता वाली पूर्ण पीठ नौ जनवरी, 2020 को याचिका पर सुनवाई करेगी।
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एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति ने फैसले को स्थगित करने की उच्च न्यायालय से प्रार्थना की है। गौरतलब है कि मुशर्रफ इस समय दुबई में हैं और वह कई बीमारियों का इलाज करा रहे हैं।
वह पाकिस्तान के इतिहास में पहले सैन्य शासक हैं जिन्हें मृत्युदंड की सजा सुनायी गयी है। वह वर्ष 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपदस्थ कर सत्ता पर काबिज हुए और 2008 तक सत्ता संभाली।
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डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मुशर्रफ की ओर से वकील अजहर सिद्दीकी ने शुक्रवार को लाहौर उच्च न्यायालय में 86 पृष्ठों की याचिका दायर की। इसमें संघीय सरकार और अन्य को प्रतिवादी बनाया गया है।
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रिपोर्ट के अनुसार याचिका में कहा गया है कि फैसले में कई विसंगतियां और विरोधाभासी बयान हैं। इसमें कहा गया है कि विशेष अदालत ने मामले की सुनवाई जल्दबाजी में की। न्यायमूर्ति मजाहिर अली अकबर नकवी की अध्यक्षता वाली पूर्ण पीठ नौ जनवरी, 2020 को याचिका पर सुनवाई करेगी।
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एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति ने फैसले को स्थगित करने की उच्च न्यायालय से प्रार्थना की है। गौरतलब है कि मुशर्रफ इस समय दुबई में हैं और वह कई बीमारियों का इलाज करा रहे हैं।
वह पाकिस्तान के इतिहास में पहले सैन्य शासक हैं जिन्हें मृत्युदंड की सजा सुनायी गयी है। वह वर्ष 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपदस्थ कर सत्ता पर काबिज हुए और 2008 तक सत्ता संभाली।