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इजरायली जेलों में बंद फिलिस्तीनी कैदियों ने जीती ये लड़ाई
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
Updated Sat, 27 May 2017 05:39 PM IST
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इजरायली जेलों में बंद फिलिस्तीनी कैदियों ने जीती ये लड़ाई
- फोटो : Mohamad Torokman, Reuters
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इजरायल की जेलों में बंद फिलिस्तीनी कैदियों ने एक बड़ी लड़ाई जीत ली है। इसके लिए वो पिछले 40 दिनों से भूख हड़ताल पर थे। फिलिस्तीनी कैदियों को पहले अपने परिचितों से मिलने के लिए महीने में दो बार का समय मिलता था, पर बाद में इजरायली अधिकारियों ने इस छूट को खत्म कर दिया था। इसी के विरोध में करीब 1500 फिलिस्तीनी कैदी जेलों में भूख हड़ताल कर रहे थे।
इस भूख हड़ताल का नेतृत्व फतह के बड़े नेता और इजरायली जेल में बंद मर्वन बरगौती कर रहे थे। उनका कहना है कि इजरायल ने 1980 के दशक से अबतक हजारों लोगों को बिना किसी ट्रायल के ही बंदी बना रखा है। भूख हड़ताल कर रहे कैदियों की मांग थी कि जेलों में लैंडलाइन फोन लगाए जाएं और कैदियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखा जाए।
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इस भूख हड़ताल का नेतृत्व फतह के बड़े नेता और इजरायली जेल में बंद मर्वन बरगौती कर रहे थे। उनका कहना है कि इजरायल ने 1980 के दशक से अबतक हजारों लोगों को बिना किसी ट्रायल के ही बंदी बना रखा है। भूख हड़ताल कर रहे कैदियों की मांग थी कि जेलों में लैंडलाइन फोन लगाए जाएं और कैदियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखा जाए।
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करीब 6500 फिलिस्तीनी राजनीतिक कैदी के तौर पर इजरायल की जेलों में बंद
करीब 6500 फिलिस्तीनी लोग राजनीतिक कैदी के तौर पर इजरायल की विभिन्न जेलों में बंद
- फोटो : vosizneias
फिलिस्तीनी कैदियों के भूख हड़ताल अप्रैल में शुरू हुई थी। ये अबतक की सबसे बड़ी हड़ताल थी। इस भूख हड़ताल के समर्थन में इजरायल-गाजा बॉर्डर के साथ ही वेस्ट बैंक के इलाके में लोग हिंसक विरोध प्रदर्शनों पर उतार आए थे। पर रेड क्रॉस इंटरनेशनल की समिति(आईसीआरसी) और फिलिस्तीनी अधिकारियों की इजरायल के साथ बातचीत के बाद ये गतिरोध समाप्त हो गया। इजरायल ने कैदियों के लिए माह में दो लोगों से मिलने की इजाजत दे दी।
फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन(पीएलओ) के कैदियों से संबंधित मामलों के चेयरमैन इस्सा कराका ने भूख हड़ताल के खत्म होने की पुष्टि की। इस मामले में बुधवार को संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार मामलों के हाई कमिश्नर ने इजरायल से फिलिस्तीनियों की सुविधा बेहतर करने को कहा था। हालांकि इस मामले की और अधिक जानकारी नहीं मिल पाई है।
फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के फतह मूवमेंट के सेंट्रल कमेटी के सदस्य जमाल मेयसन ने कहा कि कैदियों की भूख हड़ताल समाप्त हो गई है। ये फिलिस्तीनी कैदियों की जीत हैं और फिलिस्तीनी जनता की भी।
गौरतलब है कि मौजूदा समय में करीब 6500 फिलिस्तीनी लोग राजनीतिक कैदी के तौर पर इजरायल की विभिन्न जेलों में बंद हैं। इसमें से फिलिस्तीनी प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े लोगों की संख्या 500 के करीब हैं।
फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन(पीएलओ) के कैदियों से संबंधित मामलों के चेयरमैन इस्सा कराका ने भूख हड़ताल के खत्म होने की पुष्टि की। इस मामले में बुधवार को संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार मामलों के हाई कमिश्नर ने इजरायल से फिलिस्तीनियों की सुविधा बेहतर करने को कहा था। हालांकि इस मामले की और अधिक जानकारी नहीं मिल पाई है।
फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के फतह मूवमेंट के सेंट्रल कमेटी के सदस्य जमाल मेयसन ने कहा कि कैदियों की भूख हड़ताल समाप्त हो गई है। ये फिलिस्तीनी कैदियों की जीत हैं और फिलिस्तीनी जनता की भी।
गौरतलब है कि मौजूदा समय में करीब 6500 फिलिस्तीनी लोग राजनीतिक कैदी के तौर पर इजरायल की विभिन्न जेलों में बंद हैं। इसमें से फिलिस्तीनी प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े लोगों की संख्या 500 के करीब हैं।