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Palestine: इस्राइल के गाजा पर हमले से भारत में पढ़ रहे फलस्तीनी छात्र परेशान, बोले- खाने के पैसे भी नहीं बचे
Sun, 22 Oct 2023 12:01 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 22 Oct 2023 12:01 PM IST
सार
भारत में पढ़ाई कर रहे एक फलस्तीनी छात्र ने बताया कि मौजूदा संकट के चलते उसका अपने प्रियजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
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इस्राइल की ओर से गाजा पट्टी पर हमले जारी।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
इस्राइल के हमले के बाद से गाजा पट्टी से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, उनमें धराशायी इमारतें, चारों तरफ बिखरा मलबा और रोते-बिलखते लोग दिख रहे हैं। इन तस्वीरों से पूरी दुनिया दुखी है लेकिन भारत में रह रहे कुछ युवा इन तस्वीरों को देखकर बेहद परेशान हैं और उन्हें बार-बार पैनिक अटैक आ रहे हैं। दरअसल ये हैं भारत में पढ़ रहे फलस्तीनी छात्र। ये फलस्तीनी छात्र लगातार गाजा पट्टी में रह रहे अपने प्रियजनों के लिए परेशान और फिक्रमंद हैं। ये छात्र अपनी पढ़ाई पर भी फोकस नहीं कर पा रहे हैं।
खाने के नहीं बचे पैसे
भारत में पढ़ाई कर रहे एक फलस्तीनी छात्र ने बताया कि मौजूदा संकट के चलते उसका अपने प्रियजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालात ये हैं कि उसके पास पैसों की कमी हो गई है और इसके चलते उसे अपने खाने की मात्रा और गुणवत्ता में कमी करनी पड़ रही है। अब वह तीन के बजाय दिन में सिर्फ दो बार खाना खा रहा है। छात्र ने बताया कि वह ना कुछ लिख पा रहा है और ना पढ़ पा रहा है। उसे बस अपने परिजनों की चिंता सता रही है। वह ठीक से सो भी नहीं पा रहा है। छात्र ने बताया कि वह अपने परिजनों से संपर्क भी नहीं कर पा रहा है और उसे ये भी नहीं पता है कि उसके परिजन जीवित भी हैं या नहीं!
गाजा पट्टी में जा चुकी हैं हजारों जानें
फलस्तीनी छात्र ने बताया कि वह घर वापस लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है और दुआ कर रहा है कि यह लड़ाई जल्द खत्म हो जाए। बता दें कि बीती 7 अक्तूबर को हमास के आतंकियों ने इस्राइल की सीमा में घुसकर निर्दोष लोगों की बर्बरता से हत्याएं की। हमास के हमले में 1400 लोगों की मौत हुई। इसके जवाब में इस्राइल द्वारा लगातार गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक में बमबारी की जा रही है। इस्राइल के हमले में अभी तक गाजा पट्टी में 4469 लोगों की मौत हो चुकी है और हजार से ज्यादा लोग घायल हैं।
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फलस्तीनी दूतावास से नहीं मिल रही कोई मदद
एक अन्य फलस्तीनी छात्रा की पढ़ाई पूरी हो चुकी है और वह फलस्तीन लौटने की तैयारी कर रही थी लेकिन उसी वक्त लड़ाई शुरू हो गई और अब वह छात्रा अपने परिजनों को लेकर इतनी परेशान है कि उसे बार-बार पैनिक अटैक आ रहे हैं। फलस्तीनी छात्रों की शिकायत है कि इस मुश्किल वक्त में फलस्तीनी दूतावास की तरफ से भी उसे कोई मदद नहीं दी जा रही है। फलस्तीनी दूतावास उन्हें कोई जानकारी नहीं दे रहा है। फलस्तीनी छात्रों ने बताया कि उनके कुछ दोस्तों और शिक्षकों द्वारा उनकी आर्थिक मदद की जा रही है, जिसकी वजह से वह यहां किसी तरह रह पा रहे हैं। फलस्तीनी छात्रों ने ये भी बताया कि उनके कुछ सहपाठी इस्राइल का समर्थन कर रहे हैं, जिससे उनके संबंध भी खराब हुए हैं। उन्होंने कहा कि कई छात्र फलस्तीन का समर्थन कर रहे हैं।
कई फलस्तीनी छात्र अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और अब फलस्तीन लौटने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि लड़ाई शुरू होने से वह भारत में फंस गए हैं। अब गाजा लौटने के लिए उनके पास सिर्फ राफा क्रॉसिंग का रास्ता है लेकिन अभी वहां से सिर्फ राहत सामग्री को ही गुजरने की इजाजत दी जा रही है।
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खाने के नहीं बचे पैसे
भारत में पढ़ाई कर रहे एक फलस्तीनी छात्र ने बताया कि मौजूदा संकट के चलते उसका अपने प्रियजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालात ये हैं कि उसके पास पैसों की कमी हो गई है और इसके चलते उसे अपने खाने की मात्रा और गुणवत्ता में कमी करनी पड़ रही है। अब वह तीन के बजाय दिन में सिर्फ दो बार खाना खा रहा है। छात्र ने बताया कि वह ना कुछ लिख पा रहा है और ना पढ़ पा रहा है। उसे बस अपने परिजनों की चिंता सता रही है। वह ठीक से सो भी नहीं पा रहा है। छात्र ने बताया कि वह अपने परिजनों से संपर्क भी नहीं कर पा रहा है और उसे ये भी नहीं पता है कि उसके परिजन जीवित भी हैं या नहीं!
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गाजा पट्टी में जा चुकी हैं हजारों जानें
फलस्तीनी छात्र ने बताया कि वह घर वापस लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है और दुआ कर रहा है कि यह लड़ाई जल्द खत्म हो जाए। बता दें कि बीती 7 अक्तूबर को हमास के आतंकियों ने इस्राइल की सीमा में घुसकर निर्दोष लोगों की बर्बरता से हत्याएं की। हमास के हमले में 1400 लोगों की मौत हुई। इसके जवाब में इस्राइल द्वारा लगातार गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक में बमबारी की जा रही है। इस्राइल के हमले में अभी तक गाजा पट्टी में 4469 लोगों की मौत हो चुकी है और हजार से ज्यादा लोग घायल हैं।
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फलस्तीनी दूतावास से नहीं मिल रही कोई मदद
एक अन्य फलस्तीनी छात्रा की पढ़ाई पूरी हो चुकी है और वह फलस्तीन लौटने की तैयारी कर रही थी लेकिन उसी वक्त लड़ाई शुरू हो गई और अब वह छात्रा अपने परिजनों को लेकर इतनी परेशान है कि उसे बार-बार पैनिक अटैक आ रहे हैं। फलस्तीनी छात्रों की शिकायत है कि इस मुश्किल वक्त में फलस्तीनी दूतावास की तरफ से भी उसे कोई मदद नहीं दी जा रही है। फलस्तीनी दूतावास उन्हें कोई जानकारी नहीं दे रहा है। फलस्तीनी छात्रों ने बताया कि उनके कुछ दोस्तों और शिक्षकों द्वारा उनकी आर्थिक मदद की जा रही है, जिसकी वजह से वह यहां किसी तरह रह पा रहे हैं। फलस्तीनी छात्रों ने ये भी बताया कि उनके कुछ सहपाठी इस्राइल का समर्थन कर रहे हैं, जिससे उनके संबंध भी खराब हुए हैं। उन्होंने कहा कि कई छात्र फलस्तीन का समर्थन कर रहे हैं।
कई फलस्तीनी छात्र अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और अब फलस्तीन लौटने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि लड़ाई शुरू होने से वह भारत में फंस गए हैं। अब गाजा लौटने के लिए उनके पास सिर्फ राफा क्रॉसिंग का रास्ता है लेकिन अभी वहां से सिर्फ राहत सामग्री को ही गुजरने की इजाजत दी जा रही है।