पाकिस्तान: CJP की सेवानिवृत्ति के बाद ही चुनाव में जाएगा सत्तारूढ़ गठबंधन, इमरान के माने जाते हैं करीबी
सीजेपी उमर अता बंदियाल को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का करीबी माना जाता है। इसलिए, सत्तारूढ़ गठबंधन उनकी सेवानिवृत्ति तक चुनाव को स्थगित करना चाहता है।
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पाकिस्तान में विपक्ष समय से पहले आम चुनाव कराने को लेकर सरकार पर दबाव बना रहा है। लेकिन, सत्तारूढ़ गठबंधन मौजूदा मुख्य न्यायाधीश (सीजेपी) उमर अता बंदियाल की सेवानिवृत्ति से पहले चुनाव में जाने के लिए तैयार नहीं है। 64 वर्षीय बंदियाल इस साल 16 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में शनिवार को यह जानकारी दी गई।
न्यायमूर्ति बंदियाल की जगह न्यायमूर्ति काजी फैज ईसा लेंगे जो शीर्ष अदालत के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश हैं। पाकिस्तान के 'द न्यूज' समाचार पत्र ने सत्तारूढ़ पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के एक जानकार सूत्र के हवाले से बताया कि सत्तारूढ़ गठबंधन 16 सितंबर के बाद किसी भी समय चुनाव में जाने के लिए तारीख की तैयारी कर रहा है।
सीजेपी बंदियाल को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का करीबी माना जाता है। इसलिए, सत्तारूढ़ गठबंधन उनकी सेवानिवृत्ति तक चुनाव को स्थगित करना चाहता है।
सूत्र ने बताया कि संसद ने भी उनका कार्यकाल बढ़ाने से इनकार किया है, जैसा कि सत्तारूढ़ गठबंधन के कुछ नेताओं ने पहले संकेत दिया था। सूत्र ने कहा, मौजूदा संसद का कार्यकाल 13 अगस्त को समाप्त हो रहा है। इस तारीख से आगे जाने पर सत्तारूढ़ गठबंधन को राजनीतिक रूप से बुरी तरह नुकसान हो सकता है।
सूत्र ने कहा कि अगर पीडीएम और पीटीआई चुनाव की तारीख पर किसी समझौते पर पहुंचने के लिए बातचीत जारी रखते हैं, तो नेशनल असेंबली (संसद) को भंग करने का काम संभवत: जुलाई में किया जा सकता है, लेकिन जून में किसी भी तरह से नहीं।
माना जा रहा है कि सरकार बजट पर समझौता नहीं करेगी, जिसे वह पेश करना चाहती है और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा तय सीमाओं के अनुरूप संसद द्वारा अनुमोदित करना चाहती है। बजट कार्यवाहक सरकार के लिए नहीं छोड़ा जा सकता, क्योंकि सत्तारूढ़ गठबंधन को डर है कि अंतरिम शासन ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर आईएमएफ से निपटने में सक्षम नहीं होगा, जहां देश को डिफॉल्ट करने का जोखिम हो सकता है।
सूत्र ने इस धारणा को खारिज किया कि आईएमएफ की शर्तों का उल्लंघन करने वाला एक लोकप्रिय चुनाव बजट पेश किया जाएगा। पीटीआई ऐसा बजट चाहती है जो आईएमएफ द्वारा निर्धारित किसी भी शर्त का उल्लंघन न करे।
पीटीआई नेता हम्माद अजहर ने पिछले शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा था, अगले वित्त वर्ष के लिए बजट समझदारी और बहुपक्षीय परामर्श से तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, यह जरूरी है कि वित्त मंत्री इशाक डार अर्थव्यवस्था के साथ खेल खेलना बंद करें। वह पहले ही बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा चुके हैं। अगले वित्त वर्ष के लिए बजट समझदारी और बहुपक्षीय परामर्श से तैयार किया जाना चाहिए।
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