पाकिस्तानी मूल के प्रदर्शनकारियों ने लंदन में की ओछी हरकत, भारतीय उच्चायोग पर फेंके अंडे-पत्थर
- लंदन में स्थित भारतीय उच्चायोग को पाकिस्तानी मूल के नागरिकों ने प्रदर्शन के दौरान निशाना बनाया
- प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायोग की बिल्डिंग पर अंडे, टमाटर, जूते, पत्थर, स्मोक बम और बोतल फेंके
- इससे पहले 15 अगस्त को वहां शांतिपूर्वक स्वतंत्रता दिवस मना रहे भारतीय मूल के नागरिकों को निशाना बनाया गया था।
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पाकिस्तानी मूल के प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर लंदन में मंगलवार को कश्मीर मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया और भारतीय उच्चायोग को निशाना बनाया। हजारों की संख्या में पाकिस्तानी ब्रिटिश प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायोग की ओर मार्च करते हुए कश्मीर की आजादी के लिए नारे लगाए और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 21 वीं सदी का हिटलर और आतंकवादी बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हम नरेंद्र मोदी को यह संदेश देना चाहते हैं कि आप कश्मीर के लोगों को चुप नहीं करा सकते हैं।
Another violent protest outside the Indian High Commission in London today, 3 September 2019. Damage caused to the premises. @foreignoffice @UKinIndia @MEAIndia @DominicRaab @DrSJaishankar @PMOIndia @tariqahmadbt pic.twitter.com/2sv0Qt1xy8— India in the UK (@HCI_London) September 3, 2019
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प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायोग की बिल्डिंग पर अंडे, टमाटर, जूते, पत्थर, स्मोक बम और बोतल फेंके जिसमें बिल्डिंग की कई खिड़कियों को नुकसान पहुंचा है। भारतीय उच्चायोग ने बिल्डिंग परिसर में हुए नुकसानों की तस्वीर ट्वीट की है।
ब्रिटिश पाकिस्तानी ने अपने इस विरोध प्रदर्शन को 'कश्मीर फ्रीडम मार्च' का नाम दिया। यह मार्च पार्लियामेंट स्क्वेयर से शुरू होकर भारतीय उच्चायोग की बिल्डिंग तक पहुंचा। मार्च का नेतृत्व यूके की लेबर पार्टी के कुछ सांसदों ने किया। प्रदर्शनकारियों के हाथ में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) का झंडा और प्लेकार्ड था, जिसपर लिखा था कश्मीर में गोलाबारी बंद करो और चिल्लाते हुए कह रहे थे हम आजादी चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों में मुख्य रूप से ब्रिटिश पाकिस्तानी और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) मूल के ब्रिटिश नागरिक शामिल थे।
पाकिस्तानी मूल के लंदन के मेयर सादिक खान ने इस घटना की आलोचना की है। खान ने एक ट्वीट कर कहा, 'मैं पूरी तरह से इस अस्वीकार्य व्यवहार की निंदा करता हूं।'