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पाकिस्तानी मीडिया : इस्राइल निर्मित पेगासस स्पाइवेयर प्रोग्राम के संभावित लक्ष्यों में शामिल थे इमरान खान

पीटीआई, इस्लामाबाद Published by: Kuldeep Singh Updated Tue, 20 Jul 2021 12:22 AM IST

सार

  • पेगासस स्पाइवेयर मामले में यह स्पष्ट नहीं है कि क्या वास्तव में प्रधानमंत्री इमरान खान का फोन हैक किया गया था। यह भी स्पष्ट नहीं है कि सूची में पाकिस्तान के कितने अन्य लोग है। द वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक सूची में 100 से ज्यादा पाकिस्तानी नंबर हैं।
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इमरान खान
इमरान खान - फोटो : [email protected] imran khan
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विस्तार

इस्राइल के एनएसओ समूह द्वारा निर्मित पेगासस स्पाइवेयर प्रोग्राम के ग्राहकों के संभावित लक्ष्यों में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान शामिल थे। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट में सोमवार यह दावा किया गया।
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‘डॉन’ अखबार ने खबर दी है कि डेटा लीक की जांच में एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया समूह के सहयोगात्मक प्रयासों से पता चला है कि जिन लोगों के फोन को निशाना बनाया गया था उनकी सूची में कम से कम एक नंबर ऐसा मिला है जिसका प्रधानमंत्री खान ने कभी इस्तेमाल किया था।


खबर के मुताबिक, पेगासस स्पाइवेयर मामले में यह स्पष्ट नहीं है कि क्या वास्तव में प्रधानमंत्री इमरान खान का फोन हैक किया गया था। यह भी स्पष्ट नहीं है कि सूची में पाकिस्तान के कितने अन्य लोग है। द वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक सूची में 100 से ज्यादा पाकिस्तानी नंबर हैं।

पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि वह फोन हैक करने के लिए स्पाइवेयर प्रोग्राम के इस्तेमाल की खबरों से बेहद चिंतित हैं। रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए, मानवाधिकार मंत्री शिरीन ने इसे इस्राइल से जोड़ा और कहा, एनएसओ को स्पष्ट रूप से बिक्री के लिए इज़राइली सरकार से मंजूरी मिलती है, इसलिए संबंध स्पष्ट हैं।

बता दें कि पेगासस स्पाइवेयर ने दुनिया में तहलका मचा दिया है। आरोप है कि मोबाइल फोन के जरिए लोगों की 'जासूसी' की जा रही है। इस सूची में राजनेता व सरकार में शामिल व्यक्तियों के अलावा, पत्रकार, वैज्ञानिक, सिविल सोसायटी कार्यकर्ता और कानूनी एवं न्यायिक व्यवस्था से जुड़े लोग बताए गए हैं। इस मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक सवाल उठ रहे हैं। क्या ये हमारे लिए 'वेक अप' कॉल है, सावधानी बरतने का अलर्ट है, क्या मोबाइल फोन, जिसे हमने सुपर कंप्यूटर मान लिया है, उसके कैमरे पर टेप लगाने से जासूसी रुक जाएगी।

कोरोनाकाल में 'डर व घबराहट' को हथियार बनाकर कोई हमें टारगेट कर रहा है। डिजिटल प्राइवेसी का उल्लंघन और सरकार के हाथ में 'बेलगाम' पावर, देश के प्रख्यात आईटी एवं साइबर मामलों के एक्सपर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के वकील पवन दुग्गल ने सिलसिलेवार तरीके से इन सवालों के जवाब दिए हैं। पढ़िये, पेगासस स्पाइवेयर के जरिए 'जासूसी' की मैराथन दौड़ कब शुरु हुई और अब ये कैसे व कहां पहुंचकर खत्म होगी। 
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