पाक के अत्याचार के खिलाफ गिलगित-बाल्टिस्तान में प्रदर्शन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान के अत्याचार से आजिज लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की ओर से किए जा रहे उत्पीड़न, अत्याचार और मानवाधिकार हनन के खिलाफ भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। विरोध प्रदर्शन के दौरान गिलगित के शीर्ष राजनीतिक कार्यकर्ता बाबा जान समेत पांच सौ से ज्यादा युवाओं को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने हिरासत में ले लिया।
पाक की करतूत से गुस्साए आंदोलनकारियों का कहना है कि इन युवाओं को राजनीतिक अधिकारों की मांग करने और पाकिस्तानी सेना को गिलगित की जमीन को छोड़ने के लिए कहने पर गिरफ्तार किया गया है। गिलगित-बाल्टिस्तान रीजन के गिलगित, अस्तोर, दियामर और हुन्जा जिले में सड़कों पर उतरे आंदोलनकारियों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पाक के जुल्म, अत्याचार और उत्पीड़न से निजात पाने के लिए आंदोलनकारियों के जहन में आग धधक रही। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ राजनीतिक कार्रवाई के चलते भी पाक के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूटा है।
इन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा से सिर्फ चीन एवं पाकिस्तान के पंजाब के कारोबारियों को लाभ पहुंचेगा। उनका कहना है कि इसका विरोध करने वाले लोगों पर पाकिस्तान बेइंतहा जुल्म ढहा रहा है। यहां के लोगों को राजनीतिक अधिकार भी नहीं मिल रखे हैं। गिलगित-बाल्टिस्तान शिया बहुल इलाका है, जबकि पाकिस्तान सुन्नी बहुल देश है।
यूएन भी पाक को घोषित कर चुका है घुसपैठिया
वाशिंगटन स्थित गिलगित-बाल्टिस्तान नेशनल कांग्रेस के डायरेक्टर सेंज सेरिंग ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के अखंड हिस्से गिलगित-बाल्टिस्तान से पाकिस्तान की ओर से अवैध कब्जा हटाने के बाद कश्मीर मुद्दे को सुलझाने में मदद मिलेगी। गिलगित-बाल्टिस्तान में मानवाधिकार के हनन को उजागर करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति कश्मीर मुद्दे को सुलझाने की दिशा में सकारात्मक कदम है।
उन्होंने कहा कि भारत और अन्य पड़ोसी देशों समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को निश्चित रूप से पाक को यह बात याद दिलानी चाहिए कि वह गिलगित-बाल्टिस्तान में अवैध कब्जा कर रखा है। ऐसे में सिर्फ गिलगित-बाल्टिस्तान से पाकिस्तान के कब्जा हटाने पर ही कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान विवाद को तेजी से निपटाने में मदद मिलेगी।
गिलगित-बाल्टिस्तान नेशनल कांग्रेस के डायरेक्टर सेरिंग ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भी अपने एक प्रस्ताव के जरिए पाकिस्तान को गिलगित-बाल्टिस्तान में घुसपैठिया घोषित कर चुका है। सेरिंग ने कहा कि विवादित गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र के लोगों के पास यूएन कार्यालय के प्रतिनिधियों के साथ सीधे बातचीत शुरू करने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि गिलगित-बाल्टिस्तान विवाद को सुलझाने के लिए जम्मू एवं कश्मीर सरकार और भारत सरकार को एक तंत्र विकसित करना चाहिए।