भारत के सहयोग से गुरु ग्रंथ साहिब छापेगा पाकिस्तान
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भारत समेत अन्य देशों से पाकिस्तान के ननकाना साहिब जाने वाले सिख तीर्थ यात्रियों को अब पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब अपने साथ लेकर आने की जरूरत नहीं होगी। पाकिस्तान ने अपने यहां ही इस पवित्र ग्रंथ को छापने की तैयारी शुरू कर दी है।
इवैक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के अध्यक्ष सिद्दीकी फारूक ने संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा कि सिख तीर्थयात्री यात्रा के दौरान पवित्र धर्मग्रंथ लेकर आते हैं और सीमा पर चेकपोस्ट पर उन्हें जांच प्रक्रिया से गुजरना होता है।
70 साल बाद पवित्र कुएं को फिर से ठीक किया गया
ऐसे में पवित्र ग्रंथ का कोई अपमान न हो, इसलिए हमने अपने यहां ही गुरु ग्रंथ साहिब छापने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि धर्मग्रंथ छापने में भारत स्थित शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी का सहयोग लिया जाएगा।
ननकाना साहिब गुरुनानक का जन्म स्थल है, जो कि लाहौर से 80 किलोमीटर दूर है। यहां भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के हर क्षेत्र में रहने वाले सिख दर्शन करने आते हैं। फारूक ने कहा पाकिस्तान सरकार ने ननकाना साहिब स्थित पवित्र कुएं के पवित्र जल ‘अमृत जल’ को भारत समेत दूसरे देशों को निर्यात करने का फैसला भी किया है। 70 साल बाद इस पवित्र कुएं को फिर से ठीक किया गया है।