पाक के धार्मिक दलों को आम चुनावों में नौ फीसदी से अधिक वोट मिले, हाफिज को अवाम ने नकारा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान के आम चुनावों में मुंबई हमले के सरगना हाफिज सईद के समर्थन वाली अल्लाह-ओ-अकबर तहरीक पार्टी सहित 12 धार्मिक दलों को 2013 के चुनावों की तुलना में कम वोट मिले। देश भर में पड़े मतदान का महज नौ फीसदी से कुछ अधिक वोट इन दलों को प्राप्त हुए।
द डॉन ने खबर दी है कि पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के मुताबिक धार्मिक दलों को सर्वाधिक वोट पंजाब में (27 लाख चार हजार 856 वोट) मिले लेकिन प्रांत के कुल वोट बैंक का यह महज 7.98 फीसदी रहा जो पाकिस्तान के सभी प्रांतों में सबसे कम है।
धुर दक्षिणपंथी समूहों को 52 लाख तीन हजार 285 वोट प्राप्त हुए जो देश भर में पड़े कुल वोट पांच करोड़ 43 लाख 19 हजार 922 वोटों का 9.58 फीसदी है। ऐसे अधिकतर दलों को 2013 के आम चुनावों की तुलना में कम वोट पड़े।
हाफिज को अवाम ने नकारा
हाफिज सईद के समर्थन वाली अल्लाह-ओ-अकबर तहरीक (एएटी) ने देश भर में 13 महिलाओं समेत 265 उम्मीदवार उतारे थे। हाफिज वलीद के अलावा सईद का बेटा तल्हा सईद एएटी के प्रमुख उम्मीदवारों में था जिसने सरगोधा से नेशनल असेम्बली के लिए चुनाव लड़ा था। पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली।
द डॉन ने खबर दी है कि धार्मिक रूप से प्रेरित समूहों को खैबर पख्तूनख्वा में अच्छी प्रतिक्रिया मिली और सामूहिक रूप से उन्हें 18.84 फीसदी वोट मिले वहीं बलूचिस्तान में उन्हें 16.78 फीसदी वोट मिले।
इसने बताया कि हाल में पुनर्गठित मुत्ताहिदा मजलिस ए अमाल (एमएमए) को नेशनल असेम्बली में 12 सीटें हासिल हुईं और उसे 25 लाख वोट मिले। यह विभिन्न धार्मिक दलों का गठबंधन है। इसी तरह जमीयत उलेमा ए इस्लाम नजरयाती पाकिस्तान को महज 34170 वोट मिले जबकि 2013 में इसे एक लाख तीन हजार 98 वोट मिले थे।
चुनाव पर प्रभाव नहीं डालने वाले अन्य धार्मिक दलों में जमीयत उलेमा ए पाकिस्तान (नूरानी) भी शामिल है जिसे महज 22 हजार 918 वोट मिले जबकि 2013 में इसे 67 हजार 966 वोट मिले थे।
सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल की लोकप्रियता में भी काफी गिरावट आई क्योंकि इसे केवल 5939 वोट मिले जबकि 2013 में इसे 37 हजार 732 वोट मिले थे। नवगठित तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) पांचवें बड़े दल के रूप में उभरा जिसे नेशनल असेम्बली में 22 लाख 34 हजार 138 वोट मिले। गौरतलब है कि 25 जुलाई को हुए आम चुनावों में इमरान खान की पार्टी नेशनल असेम्बली में 116 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है।