फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan ›   Pakistan likely to attend a regional meeting in India on Afghanistan

भारत में अफगानिस्तान पर सम्मेलन, शामिल होगा पाकिस्तान

Mon, 24 Oct 2016 08:22 PM IST
एजेंसी/ इस्लामाबाद
एजेंसी/ इस्लामाबाद Updated Mon, 24 Oct 2016 08:22 PM IST
विज्ञापन
Pakistan likely to attend a regional meeting in India on Afghanistan
- फोटो : file photo

अफगानिस्तान के मसले पर पाकिस्तान ने भारत में होने वाले एक प्रमुख क्षेत्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने का संकेत दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि उड़ी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान को अलग-थलग करने की कोशिश जारी रखी है। हार्ट ऑफ एशिया-इस्तांबुल मंत्री स्तरीय बैठक पंजाब के अमृतसर में दिसंबर के पहले सप्ताह में आयोजित होगी। पाकिस्तान में नवंबर में होने वाली सार्क बैठक का भारत द्वारा बहिष्कार करने के बाद समझा जाता था कि पाकिस्तान इस बैठक में हिस्सा लेने भारत नहीं आएगा।  

विज्ञापन


एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने इस बैठक के बारे में जानकारी रखने वाले कुछ पाकिस्तानी अधिकारियों के हवाले से खबर दी है कि पाकिस्तान का इस बैठक से अलग रहने का कोई इरादा नहीं है। 
विज्ञापन


नाम न छापे जाने की शर्त पर एक अधिकारी ने अखबार को बताया, ‘इससे जुड़े भागीदारों की राय है कि पाकिस्तान को हार्ट ऑफ एशिया-इस्तांबुल सम्मेलन में भाग लेना चाहिए। लिहाजा इस सम्मेलन का बहिष्कार करने का कोई मतलब नहीं बनता क्योंकि यह अफगानिस्तान के मसलों से जुड़ा है। हम पहले भी कहते रहे हैं कि अफगानिस्तान की शांति और स्थिरता में योगदान के लिए पाकिस्तान हरसंभव सहायता करता रहेगा।’
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इसमें हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज को भेजा जाएगा या उनसे कनिष्ठ किसी अधिकारी को।

विश्व को अपना संदेश देना चाहता है पाक

Pakistan likely to attend a regional meeting in India on Afghanistan

अधिकारी ने बताया कि इस सम्मेलन में भाग लेकर पाकिस्तान विश्व को ‘स्पष्ट और जोर-शोर तरीके से’ संदेश दे पाएगा कि वह भारत से विपरीत अपने पड़ोसी देशों के पक्ष में है और अफगानिस्तान में शांति एवं स्थिरता की बहाली में योगदान करेगा।

अफगानिस्तान के मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए इस एकदिवसीय सम्मेलन में रूस, चीन और तुर्की सहित 14 देशों के विदेश मंत्रियों के हिस्सा लेने की उम्मीद की जा रही है। इसमें अमेरिका सहित 17 समर्थक देशों के वरिष्ठ अधिकारी युद्ध से तबाह हुए अफगानिस्तान में दीर्घकालीन शांति एवं स्थिरता की बहाली के उपायों पर चर्चा करेंगे। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed