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'अहमदिया मुसलमान पाकिस्तान के लिए खतरा'

Thu, 12 Oct 2017 04:32 PM IST
बीबीसी, हिंदी
बीबीसी, हिंदी Updated Thu, 12 Oct 2017 04:32 PM IST
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Pakistan facing threat under Ahmadiyya muslims

पाकिस्तान में सत्ताधारी पार्टी मुस्लिम लीग (नवाज) के प्रमुख नवाज शरीफ के दामाद और संसद सदस्य कैप्टन (रिटायर्ड) मोहम्मद सफदर ने सेना में अहमदिया मुसलमानों की भर्ती पर पाबंदी लगाने की मांग की है।

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उन्होंने इसके लिए संसद में एक प्रस्ताव लाने की घोषणा की है। मंगलवार को संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "पाकिस्तान में सेना समेत किसी भी अहम विभाग में उच्च पदों पर बैठे अहमदिया समुदाय के लोग पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इसलिए उन्हें फौरान पदों से हटाया जाना चाहिए।" ख्याल रहे कि पाकिस्तान के संविधान के अनुसार अहमदिया लोगों को मुसलमान नहीं माना जाता।
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मुसलमानों का विश्वास है कि पैगंबर मोहम्मद खुदा के भेजे हुए आखिरी पैगंबर (खुदा के आखिरी दूत) हैं। और उनकी मौत के साथ ही ये सिलसिला खत्म हो गया। जबकि पाकिस्तान में मुसलमानों के मुताबिक अहमदी समुदाय के लोग इस बात को नहीं मानते कि पैगंबर मोहम्मद खुदा के भेजे हुए आखिरी पैगंबर थे।
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कैप्टन (रिटायर्ड) मोहम्मद सफदर ने पाकिस्तान के कायद-ए-आजम यूनिवर्सिटी के फिजिक्स विभाग का नाम बदलने की भी मांग की है। कायद-ए-आजम यूनिवर्सिटी के फिजिक्स विभाग का नाम नोबेल विजेता वैज्ञानिक डॉक्टर अब्दुस्सलाम के नाम पर रखा गया है। कैप्टन (रिटायर्ड) मोहम्मद सफदर ने ऐसा न होने की सूरत में आंदोलन करने की भी धमकी दी है।

धर्म की आड़ में आरोप लगा रहे हैं कैप्टन सफदर

Pakistan facing threat under Ahmadiyya muslims

गौरतलब है कि कायद-ए-आजम यूनिवर्सिटी के फिजिक्स विभाग का नाम डॉक्टर अब्दुस्सलाम के नाम पर रखने का फैसला उनके ससुर और तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने ही किया था। नोबेल विजेता वैज्ञानिक डॉक्टर अब्दुस्सलाम पाकिस्तान के पहले और अकेले वैज्ञानिक हैं जिन्हे फिजिक्स के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया है।

डॉक्टर अब्दुस्सलाम अहमदिया समुदाय से हैं। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के इस फैसले का उस समय कुछ इस्लामिक गुटों ने विरोध भी किया था। कैप्टन सफदर ने आगे कहा कि इंसाफ की कुर्सी पर किसी ऐसे आदमी को नहीं बिठाया जाना चाहिए जिसका संबंध अहमदिया समुदाय से हो। यानी उनके मुताबिक अहमदिया समुदाय के लोगों को न तो सेना में जगह मिलनी चाहिए और न ही न्यायपालिका में।

उनकी मांगों की फेहरिस्त यहीं तक नहीं रुकी। उन्होंने राजनीतिक पार्टियों से अपील की कि उम्मीदवारों को टिकट बांटते वक्त भी इस बात का ध्यान रखें।

इस पर अमहदिया समुदाय के प्रवक्ता सलीमुद्दीन ने बयान जारी कर कहा "कैप्टन सफदर धर्म की आड़ में उनपर आरोप लगा रहे हैं जिन्होंने देश के लिए बेशुमार कुर्बानियां दी हैं और देश की तरक्की में अहम भूमिका निभाई है।"

बीबीसी से बातचीत करते हुए सलीमुद्दीन ने कहा कि कैप्टन सफदर पर खुद ही भ्रष्टचार के कई आरोप हैं और कुछ ही दिनों में उन पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने कैप्टन सफदर के संसद में दिए भाषण को पाकिस्तान के सरकारी टीवी पर प्रसारित किए जाने पर भी अफसोस जताया।

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