मोदी से हाथ मिलाने पर क्या बोले पाक पीएम?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दक्षेस में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गर्मजोशी से हाथ मिलाने के एक दिन बाद ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा है कि उनका देश अपनी ‘गरिमा, आत्मसम्मान और साख’ की कीमत पर भारत के साथ बातचीत नहीं करेगा।
काठमांडू में दक्षेस शिखर सम्मेलन से लौटने के बाद शरीफ पहली बार मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि पाक कोरी बातचीत के खिलाफ है।
पाक पीएम ने कहा, ‘विदेश सचिवों की मुलाकात भले ही रद्द हो गई हो, मगर हम एक-दूसरे का हालचाल तो पूछ ही सकते हैं। इसलिए हमने हाथ मिलाया।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर समेत सभी मुद्दे पर सार्थक बातचीत में यकीन रखता है।
शरीफ ने कहा कि अगर भारत वाकई में रिश्तों की बहाली चाहता है तो कश्मीर मुद्दे पर ‘बड़ी गंभीरता से और पूरी ईमानदारी के साथ’ चर्चा जरूर होनी चाहिए। बातचीत हमेशा नतीजे देने वाली होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हमें सिर्फ बात के लिए बातचीत नहीं करनी चाहिए। हमारा इरादा सही होना चाहिए। हमें सही इरादों के साथ इस दिशा में पहल करनी चाहिए।’
'भारत को वार्ता रद्द नहीं करनी चाहिए थी'
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा है कि भारत को दोनों देशों के बीच सचिव स्तरीय वार्ता को रद्द नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कश्मीरी नेताओं से बातचीत कोई नई बात नहीं है। ऐसा पहले भी होता रहा है।
शरीफ ने कहा कि कश्मीरी नेताओं से बातचीत के आधार पर भारत द्वारा वार्ता न करना ठीक नहीं है। यह पूछे जाने पर कि आखिर यह बर्फ कैसे पिघली? शरीफ ने कहा कि दक्षेस की रिट्रीट सेरेमनी में मोदी पहले से ही उपस्थित थे, वह वहां मौजूद विश्व के अन्य नेताओं के साथ मोदी से भी मिले और दो बार हाथ भी मिलाया।
मालूम हो कि पिछले दिनों नई दिल्ली में पाक उच्चायुक्त ने कश्मीरी अलगाववादियों से मुलाकात की थी, इसके बाद भारत ने सितंबर में इस्लामाबाद में होने वाली सचिव स्तर की वार्ता रद कर दी थी।