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कुलभूषण केस में भारत के मुताबिक कर रही थी नवाज सरकार: पीटीआई

amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला Updated Fri, 19 May 2017 07:22 PM IST
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नवाज शरीफ
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पाकिस्तान की आईसीजे में हार के बाद पाकिस्तान की अंदरुनी सियासत गर्मा गई है। पाकिस्तानी विपक्ष का कहना है कि सरकार इस मामले को सही तरीके से
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हैंडल नहीं कर पाई। यही नहीं, पाकिस्तानी विपक्ष तो यहां तक आरोप लगा रहा है कि सरकार ने जानबूझकर जाधव के मामले में मजबूती से पक्ष नहीं रखा, क्योंकि इस
मामले में उसकी भारत सरकार के तहत कोई गुप्त डील हुई थी। पाक विपक्ष भारतीय स्टील कारोबारी सज्जन जिंदल की गुपचुप पाक यात्रा को भी इससे जोड़कर देख रही
है।

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क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान का पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ(पीटीआई) के सूचना विभाग के सचिव शफकत महमूद ने मांग की है कि नवाज शरीफ जाधव
केस से जुड़ी खुफिया बैठकों की जानकारी सार्वजनिक करें। शफकत ने नवाज से भारतीय कारोबाजी जिंदल के साथ बैठक की जानकारियां भी सार्वजनिक करने की मांग
की।

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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ(पीटीआई) की ओर से जारी किए गए बयान में 7 मुद्दों पर सरकार की आलोचना करने के साथ ही सरकार से जवाब भी मांगा गया है। पीटीआई
ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ संसद में आकर सफाई दें कि पाकिस्तान ने जाधव मामले में एडहॉक जज को क्यों नहीं नियुक्त किया, जबकि ये पाकिस्तान का
अधिकार भी था। यही नहीं, पाकिस्तान के विदेश मामलों के कार्यालय ने जाधव केस की पैरवी करने से पहले कानूनी सलाह क्यों नहीं ली?

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पीटीआई ने सरकार से ये भी पूछा है कि सरकार ने ऐसे वकील को क्यों रखा, जिसके पास अंतर्राष्ट्रीय कानूनों की जानकारी नहीं थी, न ही उसके पास यूपी सुप्रीम कोर्ट तक में किसी केस लड़ने का अनुभव था। यही नहीं, केस में कतर स्थित लंदन क्वींस काउंसिल(क्यूसी) को इस मामले से जोड़ने की क्या जरूरत थी? पीटीआई का सवाल साफ है कि सरकार ने ऐसे वकील को क्यों रखा, जिसके पास ऐसे मामलों को लड़ने का कोई अनुभव नहीं था। यही नहीं, सरकार ने जाधव मामले में 15 मई से पहले लिखित में बचाव के पक्ष को क्यों नहीं रखा। पीटीआई ने साफ कहा कि ये सब नवाज शरीफ और उनके भारतीय दोस्त के बीच बैठक का नतीजा है।

पीटीआई के बड़े नेता और विदेशी संबंधों के जानकार डॉ शिरिन मजरी ने कहा कि वो अंतर्राष्ट्रीय अदालत के फैसले से हैरान नहीं है। उन्होंने पीएमएल-एन सरकार पर भारत के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया।

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पाक के प्रमुख समाचार पत्र की वेबसाइट पर छपी खबर के मुताबिक डॉ शिरिन मजरी ने कहा कि भारत इस मामले में स्टे ऑर्डर चाहता था, जिसकी शुरुआत जिंदल की पाकिस्तान यात्रा से हुई थी।

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