मोदी की तारीफ करने पर बौखलाया पाक, बुग्ती के खिलाफ कार्रवाई में जुटा
प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ से बौखलाए पाकिस्तान ने बलोच नेता ब्रह्मदाग बुग्ती को इंटरपोल के जरिए जल्द प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज करने का फैसला लिया है। फिलहाल ब्रह्मदाग स्विट्जरलैंड में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं। वह बलोच नेता नवाज अकबर खान बुग्ती के पोते हैं, जिनकी 2006 में बलूचिस्तान में एक सैन्य अभियान में हत्या कर दी गई थी।
इससे गुस्साए कई बलोच युवाओं ने हथियार उठा लिया। बलूचिस्तान पुलिस विभाग ने ब्रह्मदाग बुग्ती के जरूरी पहचान दस्तावेजों के लिए पाक के गृहमंत्रालय से संपर्क किया है, ताकि इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने की कागजी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।
इस संबंध में जरूरी कागजी काम पूरा होने के बाद पाकिस्तान ब्रह्मदाग के प्रत्यर्पण के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने को लेकर औपचारिक रूप से इंटरपोल से संपर्क करेगा। इंटरपोल नोटिस के तहत खूंखार अपराधियों की पहचान करने और धरपकड़ के लिए संबंधित सदस्य देश आपस में जानकारी साझा करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य वांछित संदिग्धों को प्रत्यर्पित करना है, ताकि उनके खिलाफ मुकदमा चलाना जा सके और सजा दी जा सके।
इस संबंध में इंटरपोल संबंधित देश की पुलिस की मदद करता है। मालूम हो कि मोदी ने बलूचिस्तान और पीओके में पाक के अत्याचार और मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा उठाया था, जिसको लेकर ब्रह्मदाग ने उनकी जमकर तारीफ की थी। इससे बौखलाया पाकिस्तान अब ब्रह्मदाग के प्रत्यर्पण की कोशिश में जुटा हुआ है।
बलूचिस्तान पुलिस ने जुटाई ब्रह्मदाग बुग्ती की जानकारी
बलूचिस्तान पुलिस के मुताबिक प्रतिबंधित बलोच रिपब्लिकन पार्टी के प्रमुख 33 वर्षीय ब्रह्मदाग बुग्ती अपने करीबियों के बीच ‘साहिब’ के रूप में जाने जाते हैं। उनकी दो बीवियां हैं, जिनका नाम लैला बीबी और शुलि बिबिम है। ब्रह्मदाग के चार बच्चे भी हैं। वह पाक के राहेजा बुग्ती कबाइली इलाके का रहने वाले हैं और स्विट्जरलैंड से बलोच रिपब्लिकन आर्मी का नेटवर्क चला रहे हैं।
वह बलोच विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अफगानिस्तान भाग गए थे। जब 2010 में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से प्रत्यर्पित करने को कहा, तो ब्रह्मदाग बुग्ती स्विट्जरलैंड चले गए।
इसके बाद उन्होंने 2011 में स्विट्जरलैंड से राजनीतिक शरण मांगी, लेकिन स्विस सरकार ने जनवरी 2016 में उनकी अपील को ठुकरा दी। इसके बाबत स्विट्जरलैंड ने इस्लामाबाद की ओर से ब्रह्मदाग को आतंकी घोषित करने और कई हमलों में वांछित घोषित करने का हवाला दिया।