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जानिए क्या है वह मामला जिसमें नवाज को मिली 10 साल कैद की सजा

Sat, 07 Jul 2018 10:39 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 07 Jul 2018 10:39 AM IST
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नवाज शरीफ और मरियम को सजा - फोटो : नवाज शरीफ और मरियम को सजा

नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो(एनएबी) ने 8 सितंबर 2017 को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनके दोनों बेटों हुसैन नवाज, हसन नवाज, बेटी मरियम नवाज, दामाद मुहम्मद सफदर और वित्त मंत्री इशाक डार के खिलाफ चार मामले में केस दायर किया गया।

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अकेले तीन मामले नवाज शरीफ और उनके परिवार के नाम से दर्ज किया गया। ये सारे केस एवेनफील्ड प्रॉपर्टी फ्लैट नंबर 16, 16-ए, 17 और 17-ए पार्क लेन लंदन स्थित अवैध संपत्ति के मामले में दायर किया गया था। यह सारी प्रॉपर्टी मुखौटा कंपनियों जिसमें अजिजिया स्टील कंपनी, हिल मेटल कंपनी, जेद्दाह  सहित फ्लैगशिप इनवेस्टमेंट लिमिटेड सिहत 15 अन्य कंपियों के नाम पर खरीदी गईं थीं। जबकि चौथे रेफरेंस में जो केस दायर किया गया वह इशाक दार के खिलाफ था।
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा नवाज शरीफ और उनके परिवार सहित इशाक डार को सुनाई गई सजा सेक्शन-9 ऑर्डिनेंस 1999 के अतंर्गत सुनाई गई है। जिसमें काला धन रखने, उपहार के आदान-प्रदान मामले में केस रजिस्टर किए गए। यह महत्वपूर्ण हो जाता है जानना कि शरीफ परिवार की लंदन की सारी संपत्ति का खुलासा पनामा पेपर्स में नाम आने के बाद हुआ। 
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शरीफ के एवेनफील्ड प्रॉपर्टी के चारों मकान पर कई सवाल उठे। मेफेयर के किनारे पर बना हाइड पार्क का यह सबसे महंगे मकान हैं। यह सभी प्रॉपर्टी मुखौटा कंपनियों के नाम पर खरीदी गईं थीं जो टैक्स हैवेन कहे जाने वाले ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में रजिस्टर्ड कंपनियां है।

इस मामले में 2008 में शरीफ की बेटी मरियम और बेटा हुसैन का नाम उजागर हुआ। जिसमें यह पता चला कि दोनों ने कूमबर ग्रुप के नाम से डायशे बैंक से करीब 7 मिलियन यूरो का लोन लिया था। लेकिन इन सभी मामले में डायशे का नाम किसी भी गलत काम में नहीं आया । 


पनामा कोर्ट में शरीफ और उनके परिवार का नाम आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एकाउंटबिलिटी कोर्ट को निर्देश दिए थे कि सारे मामले की सुनवाई छह महीने के भीतर खत्म की जाए।


केस का इतिहास

19 अक्टूबर 2017 - शरीफ परिवार का नाम इस मामले में आरोप लगाया गया
29 अक्टूबर 2017 - नवाज उनकी बेटी मरियम और दामाद का नाम एवेनफील्ड फ्लैट केस में आया
4 दिसंबर 2017-नवाज शरीफ के दोनों बेटे हुसैन और हसन अपराधी घोषित किए गए।
22 जनवरी 2018- मामला बढ़ा और नेशनल एकाउंटिबिलिटी ब्यूरो ने नवाज के परिवार बेटा, बेटी और दामाद को घेरा और जेआईटी के तहत जांच शुरू की गई। 
23 फरवरी 2018- इस मामले की जांच कर रहे फोरेंसिक विशेषज्ञ रॉबर्ट रैडली ने स्वीकार किया कि 2005 में कैलिब्ररी फॉंट सीमित समय के लिए  उपलब्ध था
मार्च 2018 -सुप्रीम कोर्ट ने शरीफ परिवार की भ्रष्टाचार मामले में सुनवाई को दो महीने के लिए बढ़ाया।
23 मई - नवाज  शरीफ ने एवेनफील्ड मामले में अपना बयान दर्ज कराया
28 मई 2018 - मरियम ने अपने बयान में लंदन की संपत्ति और मुखौटा कंपनियों में अपना नाम होने से मना किया
30 मई 2018- दामाद सफदर  ने कहा कि नवाज शरीफ पर दवाब डाला जा रहा है। 
7 जून 2018 को एनएबी  प्रोस्क्यूटर ने कोर्ट ने बताया कि हटाए गए प्रधानमंत्री ही लंदन फ्लैट के वास्तविक मालिक हैं।
10 जून 2018- मुख्य न्यायाधीश  मियां साकिब निसार ने कोर्ट को निर्देश दिया कि शरीफ मामले को एक महीने के भीतर निपटाया जाए।
3 जुलाई 2018 - सभी पार्टी की जिरह सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था
6 जुलाई 2018- आज इस मामले में नवाज शरीफ 10 साल, मरियम सात साल, सफदर को एक साल की सजा सुनाई गई, जबकि दोनों बेटों को भगोड़ा घोषित कर दिया गया।  

 
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