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भारत-पाक के बीच ट्रैक टू डिप्लोमेसी शुरू करने की कोशिश, इस्लामाबाद में मिले दोनों देशों के विशेषज्ञ
एजेंसी, इस्लामाबाद
Updated Wed, 02 May 2018 04:10 AM IST
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भारत-पाकिस्तान
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आतंकी हमलों को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में भले ही तल्खी हो लेकिन दोनों देशों के बीच ट्रैक टू डिप्लोमेसी शुरू करने की कोशिश जारी है। इस क्रम में हाल ही में भारतीय विशेषज्ञों का एक दल पाकिस्तान के दौरे पर गया था।
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राजनयिक सूत्रों का कहना है कि इस दौरे से नीमराणा संवाद को नई शुरुआत दी गई है। इस दौरे के लिए भारतीय दल का नेतृत्व पूर्व विदेश सचिव विवेक काटजू ने किया। इस दल में मशहूर शिक्षाविद् जेएस राजपूत व अन्य विशेषज्ञ शामिल थे।
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वहीं पाकिस्तानी दल का नेतृत्व पूर्व विदेश सचिव इनाम उल हक ने किया। सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच इस्लामाबाद में 28 से 30 अप्रैल के बीच बैठक हुई। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी आयामों पर चर्चा की। इसमें दोनों देशों के बीच सभी मुद्दों को बातचीत के जरिये हल करने पर सहमति बनी। पाकिस्तानी दल में स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के पूर्व गवर्नर इशरत हुसैन भी शामिल थे।
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साल 2016 में पाकिस्तान के संगठनों की तरफ से किए गए आतंकी हमलों और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारत की तरफ से सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव पैदा हो गया था।
पूरी तरह गुप्त रही वार्ता
ट्रैक टू की वार्ता को पूरी तरह गुप्त रखा गया। आयोजकों ने इस बारे में आधिकारिक रूप से कुछ भी साझा नहीं किया। 1990 के दशक के प्रारंभ में नीमराणा संवाद की शुरुआत हुई थी। इस संवाद के लिए पूर्व राजनयिक, सेना के अधिकारी व शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल होते हैं। इस तरह की बैठकों को दोनों देशों के विदेश मंत्रालय की अनाधिकारिक रूप से समर्थन प्राप्त होता है।