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इमरान ने फेंका राष्ट्रपति जरदारी पर बाउंसर
बीबीसी हिंदी
Updated Wed, 16 Jan 2013 09:50 AM IST
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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान ने अपने समर्थकों से कहा है कि वह किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें और उनके निर्देशों का इंतजार करें।
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प्रधान मंत्री के गिरफ्तार किए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में पूर्व क्रिकेटर इमरान खान ने अपना सात सूत्री एजेंडा पेश किया। उन्होंने कहा है कि वह वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
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'जरदारी इस्तीफ़ा दें'
इमरान ने मांग की है कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें, क्योंकि वर्तमान राष्ट्रपति के रहते साफ सुथरे चुनाव नहीं करवाए जा सकते। उन्होंने सरकार से तुरंत चुनाव की तिथियों की घोषणा करने की मांग की है।
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उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की ओर से तय की गई अंतरिम व्यवस्था स्वीकार्य नहीं होगी। इमरान का यह भी कहना था कि चुनाव में देरी को बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को तुरंत लागू किया जाए वरना उनकी पार्टी के लोग सड़कों पर उतर आएंगे। क्रिकेट से राजनीति में आए इमरान ने पाकिस्तान के चुनाव आयोग की भी यह कह कर आलोचना की कि वह उप चुनावों में धांधली रोक पाने में असफल रहा है।
'सेना और सुप्रीम कोर्ट का गठजोड़'
उधर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ के एक सहयोगी फवाद चौधरी ने कहा है कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि देश की सेना और सुप्रीम कोर्ट सरकार को गिराने के लिए मिल कर काम कर रहे हैं।
उनका कहना है कि सेना इस समय हस्तक्षेप कर सकती है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए दरवाजा खोल दिया है। पीपीपी के नेतृत्व वाली सरकार मार्च 2013 में अपना कार्यकाल पूरा करने जा रही है और अगले चुनाव मई तक कराए जा सकते हैं।
टीकाकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री को हटाने की किसी मुहिम का यह मतलब नहीं कि सरकार गिर जाएगी क्योंकि सांसद अगर चाहें तो दूसरा प्रधानमंत्री चुन सकते हैं। इस घटनाक्रम की वजह से पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज में 500 से अधिक अंकों की भारी गिरावट हुई है।