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इमरान सरकार की दरियादिली, आतंकी हाफिज सईद के संगठनों को प्रतिबंधित सूची से हटाया

Fri, 26 Oct 2018 01:08 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 26 Oct 2018 01:08 PM IST
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Global terrorist hafiz saeed organization jud and fif no longer in banned terror outfit list
Hafiz Saeed - फोटो : ANI

पाकिस्तान का 'आतंक समर्थित' चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है। इमरान खान सरकार ने हमदर्दी दिखाते हुए आतंकी हाफिज सईद के दो संगठनों जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत को प्रतिबंधित संगठनों की सूची से बाहर कर दिया है। बता दें कि ये दोनों ही संगठन संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित किए गए आतंकी और 26/11 हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के हैं। 

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गौरतलब है कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने इसी साल फरवरी महीने में एक अध्यादेश के जरिए आतंकवाद विरोधी अधिनियम, 1997 में संशोधन किया था। इस अध्यादेश के तहत पाकिस्तान सरकार ने उन सभी आतंकियों और आतंकी संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद द्वारा प्रतिबंधित थे। संयुक्त राष्ट्र की इस सूची में हाफिज सईद के ये भी ये दोनों संगठन शामिल थे। 
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द डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकी हाफिज सईद ने सरकार के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उसके संगठनों को प्रतिबंधित किया गया था। इस्लामाबाद हाईकोर्ट में दी गई अपनी याचिका में हाफिज सईद ने कहा था कि ये अध्यादेश पाकिस्तान की संप्रभुता और संविधान के खिलाफ जारी किया गया था।
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गुरुवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान हाफिज सईद की ओर से पेश हुए वकील रिजवान अब्बासी और सोहेल ने अदालत को बताया कि पूर्व की सरकार द्वारा जारी किया गया अध्यादेश अब वैध नहीं रह गया है, क्योंकि इमरान खान सरकार ने इस अध्यादेश की अवधि को आगे नहीं बढ़ाया है। 

उन्होंने अदालत को बताया कि जिस अध्यादेश के जरिए जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत को प्रतिबंधित किया गया था, उसे मौजूदा सरकार ने न तो आगे बढ़ाया और न ही उसे संसद में पेश किया गया, जिससे यह कानून बन सके।


हाफिज सईद के वकीलों की इस टिप्पणी पर जज आमेर फारुक ने कहा कि जब सरकार ने अध्यादेश को आगे ही नहीं बढ़ाया है तो फिर हाफिज सईद की याचिका का कोई मतलब ही नहीं है।

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