Pakistan: नेशनल असेंबली में पीटीआई को लौटाने का फैसला क्यों लिया इमरान ने?
Pakistan: पीटीआई के नेता असर उमर ने पुष्टि की है कि स्पीकर ने पीटीआई सांसदों के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि पीटीआई के सांसद अपने नेता का चुनाव करेंगे, जो सदन में विपक्ष के नेता की भूमिका ऩिभाएंगे...
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पाकिस्तान में नया आम चुनाव कराने के लिए लगातार अभियान चला रहे पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अचानक अपनी रणनीति बदल ली है। दो प्रांतों में अपनी पार्टी की सरकारों से इस्तीफा दिलवा कर प्रांतीय असेंबलियों को भंग करवाने का दांव चलने के बाद अब उन्होंने नेशनल असेंबली के लिए अलग चाल चली है। उन्होंने अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सांसदों को निर्देश दिया है कि वे स्पीकर को सौंपे गए अपने इस्तीफे वापस ले लें। पीटीआई सांसदों ने नेशनल असेंबली को भंग कराने का दबाव बनाने लिए इस्तीफे सौंपे थे।
लेकिन ताजा खबर के मुताबिक नेशनल असेंबली के अधिकारियों ने स्पीकर राजा परवेज अशरफ को सलाह दी है कि इस्तीफा वापस लेने के पीटीआई सांसदों के सामूहिक अनुरोध को वे मंजूर ना करें। पीटीआई के 45 सांसदों ने इस्तीफा वापस लेने संबंधी अपना अनुरोध स्पीकर को भेजा है। बताया जाता है कि अनुरोध मिलने के बाद स्पीकर ने सदन के अधिकारियों के साथ राय-मशविरा किया।
खबरों के मुताबिक पीटीआई सांसदों ने ई-मेल या व्हाट्सएप मैसेज के जरिए इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध स्पीकर को भेजा। अधिकारियों की राय है कि ऐसे माध्यमों से आए अनुरोध को स्वीकार नहीं किया जा सकता। ना ही सामूहिक तौर पर भेजे गए अनुरोध को स्वीकार किया जा सकता है। यानी हर सांसद को व्यक्तिगत रूप से स्पीकर से मिल कर अपना अनुरोध उन्हें देना होगा, तभी स्पीकर उस पर विचार कर सकते हैं।
पीटीआई के नेता असर उमर ने पुष्टि की है कि स्पीकर ने पीटीआई सांसदों के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि पीटीआई के सांसद अपने नेता का चुनाव करेंगे, जो सदन में विपक्ष के नेता की भूमिका ऩिभाएंगे। पीटीआई के नेता फव्वाद चौधरी ने कहा है कि पार्टी ने नया फैसला इसलिए लिया, ताकि सदन में विपक्ष के नेता और संसदीय दल के नेता के पद उसे वापस मिल सकें। यह निर्णय विपक्ष के ‘फर्जी’ नेताओं से संसद को मुक्ति दिलाने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि ये ‘दलबदलू और फर्जी नेता’ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान शहबाज शरीफ सरकार के पक्ष में मतदान करने की फिराक में हैं। पीटीआई ने उनकी मंशा नाकाम करने के लिए संसद में लौटने का फैसला किया है।
पीटीआई नेताओं ने सफाई दी है कि संसद में लौटने के उनके फैसले का मतलब पार्टी के रुख में नरमी आना नहीं है। बल्कि पंजाब प्रांत में पीटीआई ने सड़कों पर उतरने का एलान किया है। पंजाब में पीटीआई समर्थित सरकार के इस्तीफा देने के बाद शहबाज शरीफ सरकार ने मोहसिन नकवी को वहां कार्यवाहक मुख्यमंत्री नियुक्त कर दिया है। पीटीआई ने इस नियुक्ति के खिलाफ मंगलवार से सड़कों पर अपनी मुहिम शुरू कर दी है।
इमरान खान ने कहा है कि नकवी जैसे ‘भ्रष्ट’ व्यक्ति को मुख्यमंत्री जैसे बड़े पद पर नहीं बैठाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे प्रधानमंत्री थे, तब उनकी सरकार को गिराने में जिस व्यक्ति ने सबसे ज्यादा भूमिका निभाई, वे नकवी ही थे। पर्यवेक्षकों के मुताबिक संभवतः इसी कारण प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नकवी के हाथ में देश के सबसे बड़े प्रांत की बागडोर दी है, ताकि अगले चुनाव में पीटीआई की मुश्किलें बढ़ाई जा सके।