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Pakistan: डिजिटल जनगणना पर क्यों हो रहा बवाल, क्या पाकिस्तान में चुनाव के लिए हो रही है 'फेक सेंसस'?
Wed, 26 Apr 2023 07:33 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Wed, 26 Apr 2023 07:33 PM IST
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पाकिस्तान जनगणना
- फोटो :
SOCIAL MEDIA
विस्तार
पाकिस्तान में जनगणना को लेकर बवाल शुरू हो गया है। देश की कई पार्टियों ने शहबाज शरीफ सरकार द्वारा कराई जा रही कवायद का विरोध शुरू कर दिया है। मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट ने अपने सभी जनप्रतिनिधियों का इस्तीफा ले लिया है।इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ समेत कई दलों द्वारा आने वाले दिनों में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा भी की गई है। देश में पिछले महीने की एक तारीख से डिजिटल जनगणना की शुरुआत हुई थी। आइये जानते हैं कि पाकिस्तान में जनगणना को लेकर क्या हो रहा है? विरोध की वजह क्या है? यह कवायद पाकिस्तान में कैसे होती है?
पीटीआई की जनसभा (file)
- फोटो :
सोशल मीडिया
पाकिस्तान में जनगणना को लेकर क्या हो रहा है?
पाकिस्तान में डिजिटल जनगणना को लेकर विरोध शुरू हो गया है। इसकी खिलाफत करते हुए विपक्षी पार्टी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट ने अपने सभी 28 विधायकों और सांसदों से इस्तीफे ले लिए। पार्टी के वरिष्ठ उप-संयोजक मुस्तफा कमाल ने बुधवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मिले।
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने 'विवादास्पद' जनगणना के खिलाफ एक बड़े विरोध की रणनीति तैयार की है। पीटीआई डिजिटल जनगणना के आंकड़ों के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी।
इसकी तैयारी के लिए पार्टी की कराची इकाई के अध्यक्ष आफताब सिद्दीकी ने एक कार्यक्रम की अध्यक्षता भी की। उन्होंने कराचीवासियों से 'विवादास्पद जनगणना' के खिलाफ पीटीआई का समर्थन करने की अपील की है।
एक अन्य विपक्षी पार्टी जमाती-ए-इस्लामी ने भी आबादी गिनने की कवायद पर कड़ा एतराज जताया है। रविवार को पार्टी के कराची प्रमुख हाफिज नईम उर रहमान ने कथित 'जनगणना धोखाधड़ी' के खिलाफ अप्रैल में विरोध मार्च की घोषणा की। नईम ने आरोप लगाया कि प्रांतीय और संघीय सरकारें मिली हुई हैं।
पाकिस्तान में डिजिटल जनगणना को लेकर विरोध शुरू हो गया है। इसकी खिलाफत करते हुए विपक्षी पार्टी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट ने अपने सभी 28 विधायकों और सांसदों से इस्तीफे ले लिए। पार्टी के वरिष्ठ उप-संयोजक मुस्तफा कमाल ने बुधवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मिले।
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने 'विवादास्पद' जनगणना के खिलाफ एक बड़े विरोध की रणनीति तैयार की है। पीटीआई डिजिटल जनगणना के आंकड़ों के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी।
इसकी तैयारी के लिए पार्टी की कराची इकाई के अध्यक्ष आफताब सिद्दीकी ने एक कार्यक्रम की अध्यक्षता भी की। उन्होंने कराचीवासियों से 'विवादास्पद जनगणना' के खिलाफ पीटीआई का समर्थन करने की अपील की है।
एक अन्य विपक्षी पार्टी जमाती-ए-इस्लामी ने भी आबादी गिनने की कवायद पर कड़ा एतराज जताया है। रविवार को पार्टी के कराची प्रमुख हाफिज नईम उर रहमान ने कथित 'जनगणना धोखाधड़ी' के खिलाफ अप्रैल में विरोध मार्च की घोषणा की। नईम ने आरोप लगाया कि प्रांतीय और संघीय सरकारें मिली हुई हैं।
पाकिस्तान जनगणना
- फोटो :
SOCIAL MEDIA
विरोध की वजह क्या है?
पीटीआई नेता आफताब सिद्दीकी ने कहा कि सिंध की आबादी में 50 लाख की वृद्धि हुई लेकिन कराची की आबादी कम आंकी गई। सिद्दीकी के कहा कि ग्रामीण और शहरी सिंध की आबादी की सटीक गिनती की जानी चाहिए।
पीटीआई कराची के अध्यक्ष ने सेंसस में कथित फर्जीवाड़े को चुनाव से जोड़ा है। उन्होंने कहा, 'डिजिटल जनगणना परिसीमन और नेशनल असेंबली (एनए) सीटों को प्रभावित करेगी। त्रुटिपूर्ण जनगणना ने पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की करतूत को उजागर किया है।'
वहीं, जमाती-ए-इस्लामी पदाधिकारी हाफिज नईम उर रहमान ने आरोप लगाया कि मैनुअल जनगणना से बड़ा फर्जीवाड़ा डिजिटल जनगणना में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 'जनगणना धोखाधड़ी' में कराची को निशाना बनाया गया है।
जेआई प्रमुख ने कहा, 'जनगणना बिना प्रशिक्षण के कराई जा रही है, जबकि निगरानी के लिए कोई निरीक्षण समिति नहीं बनाई गई है। उन्होंने कहा कि जनगणना की गिनती की यह कवायद स्वीकार्य नहीं है। रहमान ने जनगणना में एक माह का समय बढ़ाने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि संघीय सरकार को जनगणना निरीक्षण के लिए हितधारकों की एक समिति बनानी चाहिए।
पीटीआई नेता आफताब सिद्दीकी ने कहा कि सिंध की आबादी में 50 लाख की वृद्धि हुई लेकिन कराची की आबादी कम आंकी गई। सिद्दीकी के कहा कि ग्रामीण और शहरी सिंध की आबादी की सटीक गिनती की जानी चाहिए।
पीटीआई कराची के अध्यक्ष ने सेंसस में कथित फर्जीवाड़े को चुनाव से जोड़ा है। उन्होंने कहा, 'डिजिटल जनगणना परिसीमन और नेशनल असेंबली (एनए) सीटों को प्रभावित करेगी। त्रुटिपूर्ण जनगणना ने पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की करतूत को उजागर किया है।'
वहीं, जमाती-ए-इस्लामी पदाधिकारी हाफिज नईम उर रहमान ने आरोप लगाया कि मैनुअल जनगणना से बड़ा फर्जीवाड़ा डिजिटल जनगणना में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 'जनगणना धोखाधड़ी' में कराची को निशाना बनाया गया है।
जेआई प्रमुख ने कहा, 'जनगणना बिना प्रशिक्षण के कराई जा रही है, जबकि निगरानी के लिए कोई निरीक्षण समिति नहीं बनाई गई है। उन्होंने कहा कि जनगणना की गिनती की यह कवायद स्वीकार्य नहीं है। रहमान ने जनगणना में एक माह का समय बढ़ाने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि संघीय सरकार को जनगणना निरीक्षण के लिए हितधारकों की एक समिति बनानी चाहिए।
पाकिस्तान जनगणना
- फोटो :
SOCIAL MEDIA
पाकिस्तान में कौन करता है जनगणना और कैसे की जाती है?
पाकिस्तान में एक इसी साल एक मार्च को देश की पहली डिजिटल जनगणना शुरू की गई थी। देश में जनसंख्या गणना की जिम्मेदारी पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो की होती है। मार्च से शुरू जनगणना तीन बार विस्तार के बावजूद पूरी नहीं की जा सकी। यही कारण है कि अब इस कवायद को चौथा विस्तार दिया गया है।
एक प्रवक्ता के मुताबिक, ईद की छुट्टियों के कारण 21 अप्रैल से 25 अप्रैल तक डिजिटल जनगणना पांच दिनों के लिए निलंबित थी। इससे पहले, डिजिटल जनगणना कवायद, जो चार अप्रैल तक खत्म हो जानी थी, को तीन एक्सटेंशन दिए जा चुके थे। ये एक्सटेंशन पहले 10 अप्रैल, फिर 15 और उसके बाद 20 अप्रैल तक के लिए दिए गए थे।
पाकिस्तान में एक इसी साल एक मार्च को देश की पहली डिजिटल जनगणना शुरू की गई थी। देश में जनसंख्या गणना की जिम्मेदारी पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो की होती है। मार्च से शुरू जनगणना तीन बार विस्तार के बावजूद पूरी नहीं की जा सकी। यही कारण है कि अब इस कवायद को चौथा विस्तार दिया गया है।
एक प्रवक्ता के मुताबिक, ईद की छुट्टियों के कारण 21 अप्रैल से 25 अप्रैल तक डिजिटल जनगणना पांच दिनों के लिए निलंबित थी। इससे पहले, डिजिटल जनगणना कवायद, जो चार अप्रैल तक खत्म हो जानी थी, को तीन एक्सटेंशन दिए जा चुके थे। ये एक्सटेंशन पहले 10 अप्रैल, फिर 15 और उसके बाद 20 अप्रैल तक के लिए दिए गए थे।
Pakistan population
- फोटो :
Agency (File Photo)
देश की आबादी कितनी है?
पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो के प्रवक्ता मुहम्मद सरावर गोंडल ने एक बयान में बताया कि डिजिटल जनगणना में देश की जनसंख्या 23,53,88,890 तक पहुंच गई है। गोंडल ने कहा है कि अब तक कराची में 16.5 मिलियन से अधिक और लाहौर में 11.5 मिलियन लोगों की गिनती की जा चुकी है।
जनगणना में पंजाब में 11,63,49,000, जबकि सिंध में 5,28,57,803 आबादी की गणना की गई है। प्रवक्ता ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा की जनसंख्या जनगणना के आंकड़ों के अनुसार 3,92,43,320 है, जबकि बलूचिस्तान में यह 1,92,55,648 है।
पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो के प्रवक्ता मुहम्मद सरावर गोंडल ने एक बयान में बताया कि डिजिटल जनगणना में देश की जनसंख्या 23,53,88,890 तक पहुंच गई है। गोंडल ने कहा है कि अब तक कराची में 16.5 मिलियन से अधिक और लाहौर में 11.5 मिलियन लोगों की गिनती की जा चुकी है।
जनगणना में पंजाब में 11,63,49,000, जबकि सिंध में 5,28,57,803 आबादी की गणना की गई है। प्रवक्ता ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा की जनसंख्या जनगणना के आंकड़ों के अनुसार 3,92,43,320 है, जबकि बलूचिस्तान में यह 1,92,55,648 है।