Pakistan: इमरान खान को अदालत से राहत, 'लॉन्ग मार्च' के दौरान तोड़फोड़ से जुड़े दो मामलों में किया बरी
Pakistan: पाकिस्तान की एक अदालत ने 2022 के लॉन्ग मार्च के दौरान तोड़फोड़ के दो अलग-अलग मामलों में पूर्व प्रधानमंत्री को बरी कर दिया। खान अभी तोशाखाना, इद्दत सहित कई मामलों में अदियाला जेल में बंद हैं।
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पाकिस्तान की एक अदालत ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को दो अलग-अलग मामलों में राहत दी। अदालत ने उन्हें मार्च 2022 के सरकारी विरोधी 'लॉन्ग मार्च' के दौरान तोड़फोड़ की घटनाओं के मामलों में बरी कर दिया।
एक प्रमुख पाकिस्तानी समाचार चैनल ने खबर में बताया कि जिला एवं सत्र अदालत की न्यायाधीश शाइस्ता कुंडी ने इमरान खान की याचिकाओं को स्वीकार किया। उन्होंने इस्लामाबाद के लोही भैर और सहाला पुलिस थानों में दर्ज मामलों में उन्हें बरी कर दिया।
इमरान खान की ओर से वकील नई पंजोथा पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक के खिलाफ एक ही दिन में कई मामले दर्ज किए गए और उन्हें एक ही भूमिका के लिए फंसाया गया। उन्होंने कहा, धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने के संबंध में न तो कोई अधिसूचना जारी की गई और न ही पार्टी को जानकारी दी गई। वकील ने कहा कि वादी थाना प्रभारी है, जिसके पास मामला दर्ज करने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।
उन्होंने आगे कहा, इमरान खान के खिलाफ दायर माममलों में किसी गवाह का बयान भी नहीं है। इसके बाद न्यायाधीश ने वकील से पूछा कि क्या इमरान को पहले भी कई मामलों में बरी किया जा चुका है? जिसके जवाब में वकील ने कहा, पीटीआई के संस्थापक को पहले भी कई मामलों में बरी किया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री के वकील की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा। फिर कुछ देर बार इस फैसले को सुनाया।
पूर्व प्रधानमंत्री अभी पंजाब प्रांत के रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। वह तोशाखाना, इद्दत (गैर-इस्लामी विवाह) और सरकारी गोपनीय केबल लीक सहित कई मामलों में सजा काट रहे हैं। इमरान खान ने 2022 में सत्ता से बेदखल होने के बाद मध्यावधि चुनाव की मांग करते हुए एक 'लॉन्ग मार्च' निकाला था। इस दौरान इमरान खान पर हमला भी किया गया था। इसके बाद इस मार्च को रोक दिया गया था।
उच्च न्यायालय ने लाहौर पुलिस प्रमुख को दिया निर्देश
पाकिस्तान की एक अदालत ने मंगलवार को लाहौर पुलिस को निर्देश दिया कि वह अगले हफ्ते स्वाधीनता सेनानी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की 93वीं पुण्यतिथि पर आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम को पूरी सुरक्षा मुहैया कराए। दरअसल, 'भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन पाकिस्तान' के अध्यक्ष इम्तियाज रशीद कुरैशी ने पिछले हफ्ते लाहौर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचिका में पंजाब सरकार को पूरी सुरक्षा प्रदान को और 23 मार्च को शादमान चौक पर प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए गेट लगाने का निर्देश देने के अनुरोध किया गया था, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
याचिका पर सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश शाहिद करीब ने लाहौर पुलिस प्रमुख को निर्देश दिया कि वह इस कार्यक्रम के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम पर फैसला करें। कुरैली ने अपनी याचिका में कहा था कि पंजाब सरकार ने शादमान चौक पर आयोजित कार्यक्रम के लिए सुरक्षा मुहैया कराने के उनके आग्रह को स्वीकार नहीं किया, जहां भगत सिंह को उनके दो साथियों के साथ 93 साल पहले फांसी दी गई थी।
भ्रष्टाचार के मामलों में नवाज के बेटे बरी
वहीं, एक भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने आज पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सुप्रीमो नवाज शरीफ के दो बेटों को कथित भ्रष्टाचार के तीन मामलों में बरी कर दिया। हसन नवाज और हुसैन नवाज को पनामा पेपर से जुड़े 2018 के एवेनफील्ड, फ्लैगशिप और अल-अजीजिया भ्रष्टाचार मामलों में दोषी ठहराया गया था।