फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan turns down Indian demand of unimpeded consular access to Kulbhushan Jadhav

पाकिस्तान की एक और पैंतरेबाजी, जाधव को नहीं देगा बिना शर्त राजनयिक पहुंच

Thu, 08 Aug 2019 06:19 PM IST
शिल्पा ठाकुर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: शिल्पा ठाकुर Updated Thu, 08 Aug 2019 06:19 PM IST
सार

  • पाकिस्तान ने भारत द्वारा रखी गई शर्तों को ठुकरा दिया है। 
  • भारत की मांग है कि राजनयिक पहुंच गोपनीय और निजी होनी चाहिए।
  • पाकिस्तान कैमरे की निगरानी में राजनयिक पहुंच देना चाहता है।
  • जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का पाकिस्तान ने किया विरोध।

विज्ञापन
Pakistan turns down Indian demand of unimpeded consular access to Kulbhushan Jadhav
kulbhushan jadhav

विस्तार

पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव मामले में राजनयिक पहुंच प्रदान करने में भारत द्वारा रखी गई शर्तों को ठुकरा दिया है। इससे पहले तीन अगस्त को भारत ने पाकिस्तान के मौजूदा स्वरूप में जाधव को राजनयिक पहुंच देने की पेशकश को ठुकरा दिया था। माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि वह भारत के जम्मू-कश्मीर पर लिए फैसले के खिलाफ है। भारत ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटा दिया है, साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांट केंद्र शासित प्रदेश बना दिया है।

विज्ञापन


विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ने राजनयिक पहुंच देने के साथ ही कुछ शर्तें भी जोड़ीं और इसकी जानकारी देने के लिए भारत को खत भेजा। भारत की मांग है कि राजनयिक पहुंच पूरी तरह गोपनीय और निजी होनी चाहिए। जबकि पाकिस्तान कैमरे की निगरानी में राजनयिक पहुंच देना चाहता था, जिसके लिए भारत तैयार नहीं है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने कुलभूषण जाधव को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है। राजनयिक सूत्रों का कहना है कि इसी कारण राजनयिक पहुंच पूरी तरह गोपनीय और निजी होनी चाहिए। इस दौरान कोई भी पाक अधिकारी या रिकॉर्डिंग उपकरण वहां नहीं होना चाहिए। 

इस मामले पर भारत का कहना है कि पाकिस्तान के लिए इस परिस्थिति को देखते हुए ये जरूरी है कि वो धमकी और डर के वातावरण से अलग निजी राजनयिक पहुंच प्रदान करे। अगर ऐसा नहीं होता तो ये इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिट (आईसीजे) के फैसले का पूरी तरह लागू नहीं करना माना जाएगा।  

ऐसे में अगर पाकिस्तान भारत की बात नहीं मानता तो एक बार फिर दोनों देशों के बीच कानूनी जंग शुरू हो सकती है। भारत अगर इस मामले को लेकर दोबारा आईसीजे में जाता है तो बहस का मुख्य बिंदु यही होगा। जबकि पाकिस्तान दलील दे सकता है कि वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग भारत सहित दुनियाभर के जेल मैन्युअलों के अनुरूप है। वहीं भारत का कहना है कि जेल मैन्युअल सिर्फ सामान्य काउंसलर मामलों में मान्य हैं।


भारत की चिंता इस बात को लेकर भी है कि पाकिस्तान आईसीजे के फैसले के बाद भी कई बार जाधव की सुरक्षा का मुद्दा उठाता रहा है। वह इस आधार पर भी राजनायिक पहुंच देने से इनकार कर चुका है। जबकि भारत पाकिस्तान को ये बात कह चुका है कि उसकी ये दलील आईसीजे पहले ही नकार चुका है। 

राजनयिक पहुंच देने के मामले में भारत का कहना है कि इससे आरोपी को उसके बचाव का अधिकार मिलता है। आईसीजे ने पाकिस्तान को वियना कन्वेंशन के आर्टिकल 36 का दोषी पाया है। पाकिस्तान द्वारा जाधव को निजी राजनयिक पहुंच देने में आनाकानी करने से अब उन सबूतों पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिनके तहत जाधव को दोषी ठहराकर सजा सुनाई गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed