{"_id":"6744011e0e5cbdb7d90b473d","slug":"pakistan-tribal-violence-shia-and-sunni-sect-ceasefire-in-kurram-after-killings-and-kidnappings-news-updates-2024-11-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान में शिया-सुन्नियों की जंग में दर्जनों मौतें!: अपह्रत लोगों और शवों तक को नहीं लौटाया, अब लगा सीजफायर","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
पाकिस्तान में शिया-सुन्नियों की जंग में दर्जनों मौतें!: अपह्रत लोगों और शवों तक को नहीं लौटाया, अब लगा सीजफायर
Mon, 25 Nov 2024 10:16 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामबाद
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 25 Nov 2024 10:16 AM IST
सार
अफगानिस्तान की सीमा से लगे कुर्रम जिले में अलीजई और बागान कबीलों के बीच झड़पें बीते कई हफ्तों से जारी हैं। आधिकारिक तौर पर इनमें अब तक 64 से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं। हालांकि, अनाधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, हिंसा की घटनाओं में 100 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।
विज्ञापन
पाकिस्तान पुलिस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में स्थित कुर्रम जिला बीते कई दिनों से शिया और सुन्नियों के बीच में जंग का मैदान बना था। यहां एक के बाद एक हमलों में दर्जनों लोगों की मौत और हिंसा ने देशभर को दहलाकर रख दिया। इसके बाद जागी सरकार ने दोनों पक्षों से बात कर फिलहाल क्षेत्र में सीजफायर का एलान किया है।
अफगानिस्तान की सीमा से लगे कुर्रम जिले में अलीजई और बागान कबीलों के बीच झड़पें बीते कई हफ्तों से जारी हैं। हालांकि, इस जंग का सबसे खराब रूप 21 नवंबर को देखने को मिला, जब सुन्नी मुस्लिमों के गुट ने पुलिस की सुरक्षा में जा रहे शिया मुस्लिमों के काफिले को निशाना बनाया। इसमें 40 से ज्यादा की मौत हो गई। मृतकों में कई महिलाएं और बच्चे भी थे। इसके बाद 22 और 23 नवंबर को बड़े स्तर पर दंगे हुए, जिसमें आधिकारिक तौर पर इनमें अब तक 80 से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं और 150 से ज्यादा लोग घायल हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, अगर मौजूदा घटनाओं और बीते महीने में हुई हिंसा की घटनाओं को मिला लें, तो इन दंगों में 150 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ताजा हिंसा के दौरान आधिकारिक आंकड़ों में शिया पक्ष से 66 मौतें दर्ज हैं, वहीं सुन्नी पक्ष के 16 लोगों की जान गई है। इतना ही नहीं करीब 300 परिवार कुर्रम छोड़कर हंगू और पेशावर जाने को मजबूर हुए हैं।
विज्ञापन
प्रांत की सरकार ने क्या कहा?
ऐसी स्थिति में सरकार की मध्यस्थता से कराए गए सीजफायर से स्थिति के सामान्य होने की उम्मीद की जा रही है। दोनों आदिवासी समुदायों के बीच यह पूरा बवाल भूमि विवाद को लेकर है। इसे सुलझाने के लिए खैबर पख्तूनख्वा की सरकार ने एक आयोग का गठन किया है। मुख्यमंत्री के सलाहकार ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच यह सीजफायर 7 दिनों तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के अपह्रत लोगों और शवों को लौटाने पर समझौता कर लिया है।
विज्ञापन
अफगानिस्तान की सीमा से लगे कुर्रम जिले में अलीजई और बागान कबीलों के बीच झड़पें बीते कई हफ्तों से जारी हैं। हालांकि, इस जंग का सबसे खराब रूप 21 नवंबर को देखने को मिला, जब सुन्नी मुस्लिमों के गुट ने पुलिस की सुरक्षा में जा रहे शिया मुस्लिमों के काफिले को निशाना बनाया। इसमें 40 से ज्यादा की मौत हो गई। मृतकों में कई महिलाएं और बच्चे भी थे। इसके बाद 22 और 23 नवंबर को बड़े स्तर पर दंगे हुए, जिसमें आधिकारिक तौर पर इनमें अब तक 80 से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं और 150 से ज्यादा लोग घायल हैं।
विज्ञापन
आंकड़ों के मुताबिक, अगर मौजूदा घटनाओं और बीते महीने में हुई हिंसा की घटनाओं को मिला लें, तो इन दंगों में 150 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ताजा हिंसा के दौरान आधिकारिक आंकड़ों में शिया पक्ष से 66 मौतें दर्ज हैं, वहीं सुन्नी पक्ष के 16 लोगों की जान गई है। इतना ही नहीं करीब 300 परिवार कुर्रम छोड़कर हंगू और पेशावर जाने को मजबूर हुए हैं।
विज्ञापन
प्रांत की सरकार ने क्या कहा?
ऐसी स्थिति में सरकार की मध्यस्थता से कराए गए सीजफायर से स्थिति के सामान्य होने की उम्मीद की जा रही है। दोनों आदिवासी समुदायों के बीच यह पूरा बवाल भूमि विवाद को लेकर है। इसे सुलझाने के लिए खैबर पख्तूनख्वा की सरकार ने एक आयोग का गठन किया है। मुख्यमंत्री के सलाहकार ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच यह सीजफायर 7 दिनों तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के अपह्रत लोगों और शवों को लौटाने पर समझौता कर लिया है।