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पाकिस्तान ने सऊदी अरब का कर्ज चुकाने के लिए चीन से लिया कर्ज
Mon, 14 Dec 2020 12:32 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 14 Dec 2020 12:32 AM IST
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पाकिस्तान आर्थिक रूप ने पूरी तरह तबाह हो चुका है। वह किसी से कर्ज लेकर खुद चुकाने में असमर्थ है। ऐसा ही एक ताजा मामला सामने आया है। सऊदी अरब का कर्ज चुकाने लिए पाकिस्तान ने चीन से 1.5 बिलियन डॉलर का कर्ज लिया है।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन पाकिस्तान की मदद करने के लिए तुरंत तैयार हो गया और उसने सऊदी अरब के 1.5 बिलियन डॉलर के कर्ज को चुकाने के लिए तुरंत सहायता की। वहीं पाकिस्तान दो बिलियन डॉलर के कर्ज में से, एक बिलियन सोमवार को दे रहा है और बाकी का एक बिलियन डॉलर जनवरी में वापस कर देगा।
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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन इस बार 2011 के द्विपक्षीय मुद्रा-स्वैप समझौते के आकार को बढ़ाकर 1.5 बिलियन डॉलर ऋण प्रदान किया है। इससे दोनों देशों के बीच समग्र व्यापार सुविधा का आकार बढ़कर 20 बिलियन चीनी युआन या 4.5 बिलियन डॉलर हो गया है।
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दिसंबर 2011 में, द्विपक्षीय व्यापार, वित्त प्रत्यक्ष निवेश को बढ़ावा देने और अल्पकालिक चलनिधि सहायता प्रदान करने के लिए, पाकिस्तान के स्टेट बैंक (एसबीपी) और पीपल्स बैंक ऑफ चाइना के बीच द्विपक्षीय मुद्रा विनिमय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह समझौता अगले साल मई में समाप्त होने वाला है, हालांकि एसबीपी ने चीन से अनुरोध किया है कि इसे तीन और वर्षों के लिए आगे बढ़ाया जाए।
बता दें कि सीएसए मूल रूप से एक चीनी व्यापार वित्त सुविधा है जिसका उपयोग पाकिस्तान 2011 से कर रहा है ताकि विदेशी ऋण चुकाने और व्यापार से संबंधित उद्देश्यों के लिए अपने सकल विदेशी मुद्रा भंडार को अपने स्तर पर रखा जा सके।