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Hindi News ›   World ›   Pakistan: Shahbaz Sharif on 'beggars can't be choosers' statement, said - I meant freedom never achieved without financial independence

पाकिस्तान: 'भिखारी चयनकर्ता नहीं हो सकते' बयान पर शहबाज शरीफ का यू टर्न, बोले- मेरा मतलब था वित्तीय स्वतंत्रता के बिना आजादी नहीं मिलती 

Sun, 03 Apr 2022 08:38 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Sun, 03 Apr 2022 08:38 AM IST
सार

पाकिस्तान में आज इमरान खान की सियासत पर फैसला होना है। नेशनल असेंबली में इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के बाद मतदान हो सकता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि, इसके बाद इमरान खान को सत्ता से बाहर होना पड़ सकता है। 

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Pakistan: Shahbaz Sharif on 'beggars can't be choosers' statement, said - I meant freedom never achieved without financial independence
Shahbaz Sharif

विस्तार

पाकिस्तान में चल रहे सियासी संकट के लिए आज बड़ा दिन है। बहुमत खो चुके प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज नेशनल असेंबली में वोटिंग हो सकती है। इसके बाद इमरान खान सत्ता से बाहर भी हो सकते हैं। वोटिंग से पहले प्रधानमंत्री पद के दावेदार व पीएमएल-एन नेता शहबाज शरीफ ने अपने बयान 'भिखारी चयनकर्ता नहीं हो सकते' का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि मेरे बयान की गलत व्याख्या की गई है। मेरा मानना है कि बिना वित्तीय स्वतंत्रता के सच्ची आजादी कभी नहीं हासिल की जा सकती है। 

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शहबाज शरीफ अपनी टिप्पणी के बाद बुरी तरह घिर गए हैं। उन्हें इमरान खान व उनके समर्थकों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद उन्होंने अपनी टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा कि, यह पहली बार नहीं है। वह लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। शहबाज शरीफ ने कहा कि, हमें अपने देश का पेट भरना है। हमें अपने बच्चों को स्कूल भेजना है। हम किसी से नहीं लड़ सकते, दूसरों के खिलाफ नारे नहीं लगा सकते। कौन हैं हम? हम वो देश हैं जो अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।"
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कर्ज लेकर चल रहा पाकिस्तान 
शहबाज शरीफ ने कहा कि, आज पाकिस्तान विदेशी एजेंसियों से कर्ज लेकर चल रहा है। सही मायने में देश की आजादी के लिए आर्थिक संप्रभुता जरूरी है। उन्होंने ट्वीट किया कि, संप्रभुता की अवधारणा आर्थिक संप्रभुता के बिना अधूरी है, जिसे खून- पसीने और आंसुओं के बिना हासिल नहीं किया जा सकता है।
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इमरान ने कहा था गुलाम बन जाएगा देश 
दरअसल, अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रहे इमरान खान ने विपक्षी नेता शहबाज शरीफ की टिप्प्णी के बाद कहा था कि, अगर शहबाज शरीफ सत्ता संभालते हैं तो वह अमेरिका की गुलामी करेंगे। भिखारी चयनकर्ता नहीं होते...इसका क्या मतलब है? इसका मतलब है कि गरीब और भिखारी गुलाम हैं। उनसे पूछिए पाकिस्तान को ऐसी स्थिति में कौन लाया है। हम गरीब हैं तो क्या हमें किसी का गुलाम होना चाहिए?

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