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Pakistan: चिनाब नदी के जल प्रवाह ने बढ़ाई पाकिस्तान की चिंता; भारत को लिखा पत्र, लगायी ये गुहार

Thu, 18 Dec 2025 11:03 PM IST
राहुल कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 18 Dec 2025 11:03 PM IST
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Pakistan seeks clarification from India over alleged variations in flow of Chenab, written a letter
चिनाब नदी। - फोटो : एएनआई
पाकिस्तान ने गुरुवार को चिनाब नदी के बहाव में कथित बदलावों पर चिंता जताई। इसके साथ ही नदी के जल प्रवाह में बदलाव को लेकर भारत से स्पष्टीकरण मांगा है। किस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि इस संबंध में पाकिस्तान के सिंधु जल आयुक्त ने अपने भारतीय समकक्ष को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है। 
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने बताया कि यह पत्र सिंधु जल संधि में तय प्रक्रिया के तहत भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान चाहता है कि भारत उठाए गए सवालों का जवाब दे और नदी के जल प्रवाह में किसी भी तरह के एकतरफा बदलाव से बचे। अंद्राबी ने जोर देकर कहा कि भारत को सिंधु जल संधि के प्रावधानों का अक्षरशः और भावना के साथ पालन करना चाहिए।
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प्रवक्ता ने कहा कि अगर जल प्रवाह में छेड़छाड़ की जाती है, तो इसका सीधा असर पाकिस्तान के कृषि चक्र पर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे समय में जल आपूर्ति में बदलाव से किसानों की आजीविका, खाद्य सुरक्षा और देश की आर्थिक स्थिति को गंभीर नुकसान हो सकता है। उन्होंने दोहराया कि सिंधु जल संधि एक बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जिसने दशकों से क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। 
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'पाकिस्तान विवाद सुलझाने का इच्छुक'
ताहिर अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का इच्छुक है, लेकिन अपने नागरिकों के जल अधिकारों से किसी भी हाल में समझौता नहीं करेगा। इसी प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने भारत के आंतरिक घटनाक्रम से जुड़ी एक घटना पर भी आपत्ति जताई और उसे लेकर खेद व्यक्त किया।


गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के एक दिन बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए थे। इन उपायों में 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला भी शामिल था। यह संधि विश्व बैंक की मध्यस्थता से बनी थी और इसके तहत भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी प्रणाली के जल के उपयोग और बंटवारे को नियंत्रित किया जाता है।
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