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Hindi News ›   World ›   Pakistan's Prime Minister's Office YouTube channel changed, will Imran Khan resign at Sunday's rally in Islamabad?

पाकिस्तान की उठापटक: प्रधानमंत्री कार्यालय के यूट्यूब चैनल का बदल गया नाम, तो क्या आज रैली में इस्तीफा देने वाले हैं इमरान खान?

Sun, 27 Mar 2022 08:31 AM IST
Amit Mandal एजेंसी, इस्लामाबाद।
एजेंसी, इस्लामाबाद। Published by: Amit Mandal Updated Sun, 27 Mar 2022 08:31 AM IST
सार

पाकिस्तानी नेशनल असेंबली में 342 सदस्य हैं और इमरान खान को बहुमत साबित करने के लिए 172 सदस्यों का समर्थन चाहिए। संकट के बीच इमरान ने रविवार को इस्लामाबाद में एक रैली बुलाई है और अटकलें है कि वो यहां इस्तीफे का एलान कर सकते हैं। 
 

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Pakistan's Prime Minister's Office YouTube channel changed, will Imran Khan resign at Sunday's rally in Islamabad?
इमरान खान(फाइल) - फोटो : Social media

विस्तार

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय के यूट्यूब चैनल का नाम बदलने से इस बात की अटकलें तेज हो गई हैं कि इमरान खान आज यानी रविवार को इस्लामाबाद में होने वाली सार्वजनिक रैली में प्रधानमंत्री के रूप में पद छोड़ सकते हैं। ये रैली इमरान खान ने ही बुलाई है और यह एक तरह से यह पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की ताकत का प्रदर्शन है क्योंकि विपक्ष उनकी सरकार को हटाने के लिए नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव के लिए तैयार है। इमरान खान को बढ़ती आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उनकी सरकार विपक्ष द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रही है।

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प्रधानमंत्री कार्यालय के यूट्यूब चैनल के नाम में हुआ बदलाव
शनिवार को यूट्यूब चैनल के नाम में हुए बदलाव ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा है। इससे पहले इस चैनल का नाम प्रधानमंत्री कार्यालय (Prime Minister's Office) था और इस पर एक सत्यापित टिक था। अब इसका नाम बदलकर 'इमरान खान' कर दिया गया है। इमरान खान ने विपक्ष पर पाकिस्तान के विरोध को डकैती करार देते हुए अपने जवाबी हमले में कड़ा प्रहार किया है और लोगों से 27 मार्च को इस्लामाबाद के परेड ग्राउंड में बड़ी संख्या में आने की अपील की है। इमरान ने कहा मैं चाहता हूं कि मेरे लोग कल परेड ग्राउंड में आएं, कल हम लोगों का समुद्र दिखाएंगे! पीटीआई ने एक ट्वीट में इमरान खान का जिक्र करते हुए यह बात कही।
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इमरान खान के लिए चुनौतियां बढ़ीं 
इमरान खान के लिए राजनीतिक चुनौतियां तब और बढ़ गईं, जब उनकी सरकार आईएमएफ के साथ 6 अरब डॉलर के राहत पैकेज पर बातचीत कर रही है और बेरोजगारी और महंगाई से जूझ रही है। इस्लामाबाद में पीपीपी के लंबे मार्च के बाद 8 मार्च को विपक्षी दलों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था। विपक्ष को भरोसा है कि उसके प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी क्योंकि पीटीआई के कई विधायक पीएम इमरान खान के खिलाफ खुलकर सामने आए हैं। 
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एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने शुक्रवार को सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि जैसे-जैसे महत्वपूर्ण अविश्वास प्रस्ताव सत्र नजदीक आता जा रहा है और राजनीतिक गठजोड़ में अनिश्चितता बनी हुई है, सत्ताधारी दल के कम से कम पचास मंत्री राजनीतिक मोर्चे से लापता हो गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 50 से अधिक संघीय और प्रांतीय मंत्रियों को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। कुल मिलाकर विपक्ष ने प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ खतरों का ढेर लगाना शुरू कर दिया है।

इमरान ने कहा, आखिरी गेंद तक खेलूंगा 
इमरान खान ने बुधवार को कहा था कि वह विपक्ष के बढ़ते दबाव के बीच किसी भी हाल में इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा, मैं किसी भी हालत में इस्तीफा नहीं दूंगा। मैं आखिरी गेंद तक खेलूंगा और एक दिन पहले उन्हें हैरान करूंगा क्योंकि वे अभी भी दबाव में हैं। मेरा तुरुप का पत्ता यह है कि मैंने अभी तक अपना कोई कार्ड नहीं रखा है। पाकिस्तानी पत्रकार नजम सेठी ने कहा कि इमरान खान के पास रविवार को चौंकाने लायक कुछ भी नहीं है और उनके माइंड गेम सैन्य प्रतिष्ठान और न्यायपालिका के लिए संकेत हैं। 


सेना हुई इमरान से नाराज 
जियो न्यूज के मुताबिक इमरान खान ने इस हफ्ते की शुरुआत में कहा था कि सेना के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि पाकिस्तानी सेना ने खान पर से विश्वास खो दिया है, क्योंकि उनके कारण खुफिया एजेंसी आईएसआई प्रमुख की नियुक्ति पर गतिरोध पैदा हुआ था। पाकिस्तानी नेशनल असेंबली में 342 सदस्य हैं और इमरान खान को बहुमत साबित करने के लिए 172 सदस्यों का समर्थन चाहिए। पीटीआई के नेतृत्व वाला गठबंधन 179 सदस्यों- पीटीआई (155 सदस्य) और चार प्रमुख सहयोगी एमक्यूएम-पी, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद (पीएमएल-क्यू), बलूचिस्तान अवामी पार्टी (बीएपी) और ग्रैंड डेमोक्रेटिक एलायंस (जीडीए) के समर्थन से बनाया गया था। इनके क्रमश: सात, पांच, पांच और तीन सदस्य हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी के सदस्य सियासी उथल-पुथल को टालने के लिए हर तरह की आजमाइश कर रहे हैं।
 

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