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Pakistan: ड्यूटी के दौरान पायलट और क्रू नहीं रख सकेंगे रोजा, जानें PIA ने रमजान के दौरान क्यों बनाया नियम
Thu, 14 Mar 2024 02:45 PM IST
काव्या मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Thu, 14 Mar 2024 02:45 PM IST
सार
कॉरपोरेट सेफ्टी मैनेजमेंट और एयर क्रू मेडिकल सेंटर दोनों ने सलाह दी है कि पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के पायलट और केबिन क्रू सदस्यों को उड़ानों के दौरान व्रत नहीं रखना चाहिए।
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पीआईए
- फोटो : Social media
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विस्तार
पाकिस्तान की राष्ट्रीय विमानन कंपनी पीआईए ने एक बड़ा फैसला लिया है। उसने रमजान के पाक महीने में उड़ान के दौरान ड्यूटी पर मौजूद पायलटों और फ्लाइट अटेंडेंट्स के रोजा रखने पर रोक लगा दी है। दरअसल, विमानन कंपनी ने यह फैसला चिकित्सा परामर्श पर लिया है, जिसमें कहा गया है कि रोजा रखने से व्यक्ति को डिहाइड्रेशन हो सकता है। साथ ही उसे आलस और नींद जैसी समस्याओं से गुजरना पड़ सकता है।
इन्होंने दी सलाह
कॉरपोरेट सेफ्टी मैनेजमेंट और एयर क्रू मेडिकल सेंटर दोनों ने सलाह की है कि पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के पायलट और केबिन क्रू सदस्यों को उड़ानों के दौरान व्रत नहीं रखना चाहिए।
आदेश जारी किया
पीआईए के एक अधिकारी ने कहा, पीआईए के शीर्ष प्रबंधन ने इन सलाहों के आधार पर पायलटों और केबिन क्रू कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से अनुपालन आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति व्रत रखता है तो वह नींद और आलस जैसी समस्याओं से जूझ सकता है। इसलिए पायलट और क्रू सदस्यों को अंतरराष्ट्रीय या घरेलू उड़ानों के लिए ड्यूटी पर रहने के दौरान व्रत नहीं रखने के लिए कहा गया है।
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इस घटना की आई याद
राष्ट्रीय विमानन कंपनी का एयरबस ए320 विमान मई 2020 में को मलीर में मॉडल कालोनी के पास स्थित जिन्ना गार्डेन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ तब उसमें 91 यात्री और चालक दल के आठ सदस्य थे। उक्त विमान हवाई अड्डे पर उतरने से कुछ ही मिनट पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दुर्घटना में दो यात्री बच गए थे। इसी मामले की जांच रिपोर्ट पिछले महीने जारी की गई थी, जिसमें इन बातों की सलाह दी गई थी।
जिओ न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया था कि दुर्घटनाग्रस्त विमान ए320 एयरबस में 99 लोग सवार थे, इनमें से 97 की मौत हो गई और दो लोग ही बचे। रिपोर्ट के अनुसार, हवाई यातायात नियंत्रण कक्ष की ओर से पायलट को करीब ढाई बजे जब हवाई पट्टी से उसकी दूरी सिर्फ 15 नॉटिकल मील बची थी, पहली चेतावनी जारी की गई थी। इसमें कहा गया था कि पायलट विमान को 7000 फीट से 10000 फीट की ऊंचाई पर ले जाए। परंतु पायलट की ओर से जवाब मिला था कि वह विमान की इस ऊंचाई से संतुष्ट है और प्लेन को सुरक्षित ढंग से उतार लेगा।
इसके बाद जब विमान की हवाई पट्टी से दूरी करीब 10 मील ही रह गई, तब एटीसी ने दूसरी चेतावनी दी, तब विमान 7000 फीट की ऊंचाई से 3000 फीट पर आ चुका था। इस बार भी पायलट को विमान को ऊंचाई पर ले जाने के लिए कहा गया। इस बार भी पायलट ने विमान को सुरक्षित उतार लेने की बात कही।
चश्मदीद ने कहा- तीन पर महसूस हुए थे झटके
हादसे में बचे दो लोगों में से एक बैंक ऑफ पंजाब के प्रेसिडेंट जफर मसूद हैं और दूसरे मोहम्मद जुबैर। जुबैर ने हादसे के बारे में बताते हुए कहा था कि विमान ठीक तरीके से उड़ रहा था, लेकिन लैंडिंग से ठीक पहले तीन बार झटके महसूस हुए थे।
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इन्होंने दी सलाह
कॉरपोरेट सेफ्टी मैनेजमेंट और एयर क्रू मेडिकल सेंटर दोनों ने सलाह की है कि पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के पायलट और केबिन क्रू सदस्यों को उड़ानों के दौरान व्रत नहीं रखना चाहिए।
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आदेश जारी किया
पीआईए के एक अधिकारी ने कहा, पीआईए के शीर्ष प्रबंधन ने इन सलाहों के आधार पर पायलटों और केबिन क्रू कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से अनुपालन आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति व्रत रखता है तो वह नींद और आलस जैसी समस्याओं से जूझ सकता है। इसलिए पायलट और क्रू सदस्यों को अंतरराष्ट्रीय या घरेलू उड़ानों के लिए ड्यूटी पर रहने के दौरान व्रत नहीं रखने के लिए कहा गया है।
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इस घटना की आई याद
राष्ट्रीय विमानन कंपनी का एयरबस ए320 विमान मई 2020 में को मलीर में मॉडल कालोनी के पास स्थित जिन्ना गार्डेन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ तब उसमें 91 यात्री और चालक दल के आठ सदस्य थे। उक्त विमान हवाई अड्डे पर उतरने से कुछ ही मिनट पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दुर्घटना में दो यात्री बच गए थे। इसी मामले की जांच रिपोर्ट पिछले महीने जारी की गई थी, जिसमें इन बातों की सलाह दी गई थी।
जिओ न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया था कि दुर्घटनाग्रस्त विमान ए320 एयरबस में 99 लोग सवार थे, इनमें से 97 की मौत हो गई और दो लोग ही बचे। रिपोर्ट के अनुसार, हवाई यातायात नियंत्रण कक्ष की ओर से पायलट को करीब ढाई बजे जब हवाई पट्टी से उसकी दूरी सिर्फ 15 नॉटिकल मील बची थी, पहली चेतावनी जारी की गई थी। इसमें कहा गया था कि पायलट विमान को 7000 फीट से 10000 फीट की ऊंचाई पर ले जाए। परंतु पायलट की ओर से जवाब मिला था कि वह विमान की इस ऊंचाई से संतुष्ट है और प्लेन को सुरक्षित ढंग से उतार लेगा।
इसके बाद जब विमान की हवाई पट्टी से दूरी करीब 10 मील ही रह गई, तब एटीसी ने दूसरी चेतावनी दी, तब विमान 7000 फीट की ऊंचाई से 3000 फीट पर आ चुका था। इस बार भी पायलट को विमान को ऊंचाई पर ले जाने के लिए कहा गया। इस बार भी पायलट ने विमान को सुरक्षित उतार लेने की बात कही।
चश्मदीद ने कहा- तीन पर महसूस हुए थे झटके
हादसे में बचे दो लोगों में से एक बैंक ऑफ पंजाब के प्रेसिडेंट जफर मसूद हैं और दूसरे मोहम्मद जुबैर। जुबैर ने हादसे के बारे में बताते हुए कहा था कि विमान ठीक तरीके से उड़ रहा था, लेकिन लैंडिंग से ठीक पहले तीन बार झटके महसूस हुए थे।